यूपी के मेधावियों पर होगी इनामों की बारिश, CM योगी आदित्यनाथ 223 टॉपर्स को देंगे 1-1 लाख रुपये और टैबलेट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही एक भव्य राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में विभिन्न शिक्षा बोर्डों के 223 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने होनहार छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़े पुरस्कारों की घोषणा की है। इस समारोह में प्रत्येक मेधावी छात्र को 1-1 लाख रुपये की नकद राशि, एक ब्रांडेड टैबलेट, मेडल और आधिकारिक प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा जाएगा।

इस राज्य स्तरीय गरिमामयी समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की राज्य स्तरीय मेरिट सूची (Top 10) में जगह बनाने वाले छात्रों को शामिल किया गया है। इसमें हाईस्कूल के 115 और इंटरमीडिएट के 23 मेधावी छात्र सीधे मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होंगे।

यूपी बोर्ड के 138 सहित विभिन्न बोर्ड्स के कुल 223 टॉपर्स होंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री आवास या लोकभवन में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में केवल यूपी बोर्ड ही नहीं, बल्कि राज्य में सक्रिय अन्य प्रमुख बोर्ड के मेधावियों को भी समान मंच दिया जा रहा है। कुल 223 मेधावियों का विवरण इस प्रकार है:

  • यूपी बोर्ड (UP Board): कुल 138 मेधावी (हाईस्कूल के 115 और इंटरमीडिएट के 23)

  • सीआईएससीई (CISCE): कुल 33 टॉपर्स

  • सीबीएसई बोर्ड (CBSE): कुल 31 टॉपर्स

  • संस्कृत शिक्षा बोर्ड (Sanskrit Board): कुल 21 मेधावी छात्र

जिला स्तर पर भी मनेगा जश्न: 1,459 छात्रों को मिलेंगे 21-21 हजार रुपये

राज्य स्तरीय मुख्य समारोह के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी स्थानीय स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन जिला स्तरीय कार्यक्रमों में यूपी बोर्ड की जिलावार मेरिट सूची में टॉप-10 स्थान हासिल करने वाले स्थानीय छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।

इसके तहत पूरे प्रदेश के जिलों से हाईस्कूल के 687 और इंटरमीडिएट के 772 मेधावियों का चयन किया गया है। यानी सभी 75 जिलों को मिलाकर कुल 1,459 मेधावी छात्र जिला स्तर पर सम्मानित होंगे। जिला स्तरीय मेरिट सूची के इन सभी टॉप-10 मेधावियों को प्रोत्साहन स्वरूप 21-21 हजार रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए जाएंगे।

परिषदीय स्कूलों में नया नियम: ज्यादा पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र बनेंगे ‘चैंपियन रीडर ऑफ ईयर’

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक (Primary) व उच्च प्राथमिक (Upper Primary) विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों में ज्ञान की ललक जगाने के लिए योगी सरकार एक अनोखी और बेहतरीन पहल शुरू करने जा रही है। अब सरकारी स्कूलों में छात्रों के बीच पुस्तकें और समाचार पत्र (News Papers) पढ़ने की आदत पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग के नए नियमों के तहत, अब पूरे शैक्षणिक सत्र में स्कूल की लाइब्रेरी से लेकर सबसे ज्यादा पुस्तकें पढ़ने और समझने वाले होनहार छात्र को ‘चैंपियन रीडर ऑफ ईयर’ (Champion Reader of the Year) के विशेष पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

लागू होगा ‘सुपर-20’ और ‘सुपर-30’ रीडिंग चैलेंज

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने विभाग के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘रीडिंग ऑवर’ (पढ़ने का घंटा) और सुबह की ‘प्रार्थना सभा’ (Assembly) में समाचार पत्र पढ़ने की व्यवस्था को अनिवार्य और कड़ाई से लागू किया जाए।

  • प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): छोटे बच्चों में पढ़ने की क्षमता विकसित करने के लिए स्कूलों में ‘सुपर-20’ रीडिंग चैलेंज की शुरुआत की जा रही है।

  • उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): जूनियर हाईस्कूल के छात्रों के लिए ‘सुपर-30’ रीडिंग चैलेंज की व्यवस्था लागू की जा रही है।

बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार, स्कूल के हेडमास्टर और शिक्षकों को प्रतिदिन ‘रीडिंग ऑवर’ के दौरान छात्रों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा। इसके साथ ही, रोज सुबह की प्रार्थना सभा में छात्रों से देश-दुनिया की प्रमुख खबरों और समाचार पत्रों का वाचन कराया जाएगा, ताकि उनका सामान्य ज्ञान (GK) और भाषा का उच्चारण सुदृढ़ हो सके।