
अमेरिका और ईरान के बीच सुलगती युद्ध की चिंगारी के बीच अब पाकिस्तान की मुश्किलें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ने वाली हैं। अमेरिकी संसद के वरिष्ठ और बेहद प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया है, जिसने वैश्विक कूटनीति में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी सीनेटर ने सीधे शब्दों में कहा है कि इस पूरे विवाद में पाकिस्तान का बिचौलिया या मध्यस्थ बनने की कोशिश करना एक बहुत बड़ी और गंभीर ‘समस्या’ है। अमेरिका की तरफ से यह तीखा हमला तब हुआ है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बड़े प्रस्ताव को सरेआम खारिज कर दिया, जिसमें पाकिस्तान से ऐतिहासिक ‘अब्राहम एकॉर्ड्स’ (अब्राहम समझौते) में शामिल होने की अपील की गई थी।
अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम का दावा, अपने एयरबेस पर ईरानी सैन्य विमानों को छिपा रहा है पाकिस्तान
डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी माने जाने वाले अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की नीयत और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान पर्दे के पीछे से खेल खेल रहा है और वह अपने सैन्य एयरबेस पर ईरानी लड़ाकू विमानों को पनाह दे रहा है। ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि यह बात पूरी दुनिया के सामने साफ है कि पाकिस्तानी हुक्मरानों का इजरायल के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करने का एक पुराना इतिहास रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। ऐसे में जब पाकिस्तान के इरादे खुद शक के घेरे में हैं, तो वह एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका कैसे निभा सकता है? ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान को अब बिना समय गंवाए ट्रंप के ‘अब्राहम एकॉर्ड्स’ में शामिल होने के आह्वान पर दुनिया के सामने अपना आधिकारिक और साफ रुख स्पष्ट करना होगा।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दोटूक जवाब, इजरायल पर भरोसा करना मुमकिन नहीं
दूसरी तरफ, अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय पाकिस्तान ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल ‘समा टीवी’ को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने डोनाल्ड ट्रंप के कूटनीतिक संकेतों और भारी दबाव के बाद भी इस समझौते का हिस्सा बनने की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। आसिफ ने कहा कि व्यक्तिगत और देश के स्तर पर वह कभी भी ऐसे किसी समझौते का समर्थन नहीं करेंगे जो पाकिस्तान की बुनियादी विचारधाराओं और सिद्धांतों के खिलाफ जाता हो। उन्होंने इजरायल के साथ किसी भी तरह की बातचीत की विश्वसनीयता को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि आप उन ताकतों के साथ मेज पर कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बातों पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता।
पासपोर्ट का हवाला देकर इजरायल को मान्यता देने से पाकिस्तान का साफ इनकार
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इजरायल को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता न देने की पाकिस्तान की दशकों पुरानी और कड़क नीति को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने गर्व से इस बात का जिक्र किया कि पूरी दुनिया में केवल पाकिस्तान ही एकमात्र ऐसा मुल्क है, जिसके आधिकारिक पासपोर्ट पर बकायदा और साफ-साफ शब्दों में यह चेतावनी लिखी होती है कि ‘यह पासपोर्ट इजरायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है’। पाकिस्तान के इस अड़ियल रुख और अमेरिकी सीनेटर के तीखे आरोपों ने अब वाशिंगटन और इस्लामाबाद के रिश्तों में एक नया तनाव पैदा कर दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान युद्ध के समीकरणों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
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