
आजकल बाजार में फल और सब्जियां दो तरीकों से उगाई जा रही हैं एक पारंपरिक (देसी) तरीका और दूसरा उन्नत तकनीक (हाइब्रिड)। बैंगन की बात करें तो मार्केट में दोनों ही किस्में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन अक्सर सही जानकारी न होने के कारण लोग देसी के चक्कर में हाइब्रिड बैंगन घर उठा लाते हैं।
वैसे तो सेहत के लिए दोनों ही ठीक हैं, लेकिन स्वाद, खुशबू और पकने के मामले में देसी बैंगन का कोई मुकाबला नहीं है। उत्तर प्रदेश के उरई के एक अनुभवी किसान ने देसी और हाइब्रिड बैंगन के बीच का अंतर पहचानने के 4 बेहद आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें जानकर आप भी बाजार में धोखा खाने से बच जाएंगे।
क्या होता है देसी और हाइब्रिड बैंगन में मुख्य अंतर?
हाइब्रिड और देसी बैंगन में सबसे बड़ा फर्क उनकी जेनेटिक्स और खेती के तरीके का होता है:
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हाइब्रिड बैंगन: इन्हें दो अलग-अलग उन्नत किस्मों को क्रॉस कराके तैयार किए गए विशेष बीजों से उगाया जाता है। इनकी पैदावार बहुत ज्यादा होती है और एक एकड़ खेत के लिए मात्र 60 से 80 ग्राम हाइब्रिड बीजों की ही जरूरत पड़ती है।
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देसी बैंगन: इन्हें हमारी सदियों पुरानी पारंपरिक और स्थानीय बीजों की मदद से प्राकृतिक रूप से उगाया जाता है।
आइए जानते हैं किसान द्वारा बताए गए वो 4 तरीके जिससे आप इनकी तुरंत पहचान कर सकते हैं।
1. आकार और बनावट (Shape and Texture)
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देसी बैंगन: इनका आकार आमतौर पर छोटा या मध्यम होता है। प्राकृतिक रूप से उगने के कारण ये थोड़े टेढ़े-मेढ़े हो सकते हैं। एक ही पौधे या एक ही खेत के देसी बैंगन का साइज एक जैसा नहीं होता।
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हाइब्रिड बैंगन: ये दिखने में काफी बड़े, एकदम सुडौल और एक जैसे आकार (Perfect Shape) के होते हैं। इनका वजन और साइज लगभग एक समान होता है, जो वैज्ञानिक रूप से तैयार बीजों की वजह से होता है।
2. रंग और ऊपरी चमक (Color and Shine)
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देसी बैंगन: इनका रंग हल्का और पूरी तरह से नेचुरल दिखता है। इनमें कोई बनावटी या अत्यधिक चमक नहीं होती और इनकी ऊपरी त्वचा सामान्य दिखती है।
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हाइब्रिड बैंगन: अगर बाजार में कोई बैंगन जरूरत से ज्यादा चमकदार, एकदम साफ-सुथरा और फ्रेश दिख रहा है, तो समझ जाएं कि वह हाइब्रिड है। इसे छूने पर इसकी सतह बहुत ज्यादा चिकनी और वैक्सी महसूस होती है।
3. स्वाद और असली महक (Taste and Aroma)
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देसी बैंगन: किसान के अनुसार, देसी बैंगन बनने के बाद बेहद लाजवाब और मीठा स्वाद देते हैं। इनमें कड़वाहट बिल्कुल नहीं होती और इनकी अपनी एक सोंधी महक होती है।
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हाइब्रिड बैंगन: हाइब्रिड बैंगन का स्वाद थोड़ा फीका या हल्का कड़वा हो सकता है। यदि आप इसका भर्ता या सब्जी बनाते हैं, तो पारंपरिक देसी स्वाद गायब रहता है।
4. बीज की मात्रा और गूदा (Seeds and Pulp)
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देसी बैंगन: जब आप देसी बैंगन को काटेंगे, तो इसके अंदर बहुत कम और बेहद छोटे-छोटे बीज दिखाई देंगे। इसका गूदा (Pulp) काफी नरम होता है, जो पकने के बाद एकदम मखमली और मुलायम हो जाता है। यही कारण है कि भर्ते के लिए हमेशा देसी बैंगन की मांग होती है।
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हाइब्रिड बैंगन: इन्हें काटने पर अंदर बीजों की भरमार होती है और बीज का साइज भी बड़ा होता है। इसका गूदा काफी सख्त (Tight) होता है, जिसके कारण पकाने के बाद भी यह देसी जितना सॉफ्ट नहीं हो पाता।
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