तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी 2026 से जारी महायुद्ध अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए ’48 घंटे के अल्टीमेटम’ के जवाब में अब तेहरान ने मनोवैज्ञानिक और सामरिक युद्ध तेज कर दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे एक ‘बड़े सरप्राइज’ के लिए तैयार रहें, जिसे अंजाम देने में बस कुछ ही समय बचा है।
“बस थोड़ा सा इंतजार…”: ईरान की नई चेतावनी
लेबनान के ‘अल-मायादीन’ टीवी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में ईरानी अधिकारी ने ट्रंप की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान के पास दुश्मन के ठिकानों की एक सटीक सूची तैयार है और वे अपनी रणनीति के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं।
रणनीतिक पलटवार: अधिकारी का कहना है कि दक्षिणी ईरान में अमेरिका की कोई भी नई सैन्य कार्रवाई खुद अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित होगी।
इंटेलिजेंस पर सवाल: तेहरान ने वाशिंगटन के उन दावों को भी चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका के पास ईरान के सभी गुप्त ठिकानों की जानकारी है।
ट्रंप की धमकी बनाम युद्ध की हकीकत
ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप की ’48 घंटे’ वाली ‘कयामत’ (Doomsday) की चेतावनी को केवल ‘मीडिया स्टंट’ और ‘परसेप्शन’ बनाने की कोशिश बताया है।
“ट्रंप युद्ध के मैदान की अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए धमकियों का सहारा ले रहे हैं। 48 घंटे वाली बात बेवकूफाना है; असली लड़ाई जमीन पर लड़ी जा रही है, हेडलाइंस में नहीं।” — ईरानी सुरक्षा अधिकारी
इससे पहले ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने भी स्पष्ट किया था कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और ट्रंप के संदेश केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ‘छापामार’ युद्ध रणनीति
ईरान ने एक बार फिर दोहराया है कि वैश्विक तेल आपूर्ति की लाइफलाइन, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर उसका पूर्ण नियंत्रण है।
आर्थिक प्रहार: ईरान अब अमेरिका और इजरायल के आर्थिक हितों और औद्योगिक केंद्रों को निशाना बनाने की ‘छापामार युद्ध’ (Guerrilla Warfare) रणनीति अपना रहा है।
थकाने की कला: तेहरान का मानना है कि वह अपनी इस रणनीति से दुश्मन की सेना को थकाकर पीछे हटने पर मजबूर कर देगा। वाशिंगटन की अब तक की सभी रणनीतियां इस क्षेत्र में विफल साबित हुई हैं।
युद्ध के बीच ‘हाई-वोल्टेज’ रेस्क्यू
इसी तनाव के बीच एक बड़ी खबर यह भी है कि ईरान में फंसे एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए एक गुप्त कमांडो ऑपरेशन चलाया गया। भारी गोलीबारी के बीच दूसरे क्रू मेंबर को बचा लिया गया है, जिसने इस युद्ध में चल रहे जमीनी संघर्ष की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के बंद होने की आशंका को देखते हुए, क्या आप इस युद्ध के कारण ग्लोबल ऑयल मार्केट और भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?
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