महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर बरसे सीएम योगी, नारी शक्ति के सम्मान में विपक्ष को दिखाया आईना

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर विपक्षी दलों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि जो लोग दशकों तक इस बिल को लटकाते रहे, वे नारी शक्ति के अपमान के अपराधी हैं। उन्होंने विपक्ष को इस ‘ऐतिहासिक पाप’ का भागीदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को उनका हक मिलकर रहेगा।

दशकों की देरी पर विपक्ष को घेरा

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों से लंबित था, लेकिन पिछली सरकारों ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी इस बिल को पास करने का मौका आया, विपक्ष ने किसी न किसी बहाने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। सीएम योगी ने गरजते हुए कहा, “जो लोग आज इस बिल पर राजनीति कर रहे हैं, वे भूल गए हैं कि उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण की राह में कांटे बिछाए थे। वे इस पाप के समान रूप से भागीदार हैं।”

नारी शक्ति का सम्मान, बीजेपी का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक मिशन है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी ने इस विधेयक को लाकर देश की आधी आबादी को यह विश्वास दिलाया है कि नए भारत में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित है।

विपक्ष की ‘दोहरी राजनीति’ का पर्दाफाश

सीएम योगी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में कुछ दल मजबूरी में इस बिल का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अंदर ही अंदर वे इसे पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनकी परिवारवादी और तुष्टिकरण की राजनीति खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे उन चेहरों को पहचानें जिन्होंने वर्षों तक मातृशक्ति के अधिकारों का हनन किया है।

विकास की मुख्यधारा में महिलाओं की भूमिका

संबोधन के अंत में सीएम योगी ने उज्ज्वला योजना, पीएम आवास और अन्य योजनाओं का जिक्र किया, जिसका सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तो भारत की विकास यात्रा और भी तेज होगी। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल संसद की सीटों का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और राजनीतिक चेतना को बदलने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।

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