तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच ईरान की धरती से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 3 अप्रैल को क्रैश हुए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर को एक बेहद साहसिक और खतरनाक मिशन के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। ‘अल जजीरा’ और ‘Axios’ की रिपोर्टों के अनुसार, यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा था, जिसमें अमेरिकी कमांडो और ईरानी सुरक्षा बलों के बीच सीधी और भीषण मुठभेड़ हुई।
भीषण गोलीबारी और कमांडो एक्शन: कैसे बची पायलट की जान?
लापता पायलट को ईरान के कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के देहदश्त शहर के पास लोकेट किया गया था। जैसे ही अमेरिकी खुफिया तंत्र को पायलट की सटीक लोकेशन मिली, एक विशेष कमांडो यूनिट ने ‘हवाई कवर’ के साथ जमीन पर धावा बोल दिया।
जमीनी संघर्ष: रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच आमने-सामने की फायरिंग हुई।
हवाई हमला: कमांडो यूनिट को कवर देने के लिए उस इलाके में भारी हवाई बमबारी भी की गई।
कैजुअल्टी: इस खूनी झड़प में कम से कम 4 लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है। हालांकि, अमेरिकी दस्ता सफलतापूर्वक पायलट को लेकर ईरानी सीमा से बाहर निकलने में कामयाब रहा।
ईरान का ‘मैनहंट’ और कबीलों से अपील
विमान गिरने के तुरंत बाद ईरान ने दोनों क्रू मेंबर्स को पकड़ने के लिए अपनी पूरी सैन्य मशीनरी झोंक दी थी। ईरानी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने कोहगिलुयेह प्रांत के खानाबदोश कबीलों और ग्रामीणों से विशेष अपील की थी कि वे अमेरिकी पायलटों को ढूंढने में मदद करें। ईरान की कोशिश थी कि इन पायलटों को ‘युद्धबंदी’ बनाकर अमेरिका पर दबाव बनाया जाए, लेकिन अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
दुश्मन की कैद से बचने का ‘सर्वाइवल मंत्र’
इस सफल रेस्क्यू के पीछे पायलट की विशेष ‘सर्वाइवल ट्रेनिंग’ का बड़ा हाथ है। पश्चिमी देशों के लड़ाकू विमानों के पायलटों को दुश्मन के इलाके में जीवित रहने और पकड़े जाने से बचने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाती है।
पायलट की जादुई ‘सर्वाइवल वेस्ट’:
GPS कोडेड बीकन: यह एक गुप्त सिग्नल भेजता है जिसे केवल फ्रेंडली सेना ही डिकोड कर सकती है।
सीक्रेट कोड्स: पायलट अपनी पहचान बताने के लिए विशेष शब्दों का उपयोग करते हैं।
इमरजेंसी किट: वेस्ट में रेडियो, पानी, विटामिन बार, फर्स्ट-एड और बचाव के लिए एक पिस्तौल होती है।
युद्ध का घटनाक्रम: एक नजर में
28 फरवरी 2026: मिडिल ईस्ट में युद्ध की शुरुआत।
3 अप्रैल 2026: अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल ईरान में क्रैश हुआ।
4 अप्रैल 2026: पहले क्रू मेंबर का सफल रेस्क्यू।
5 अप्रैल 2026: दूसरे पायलट को भारी गोलीबारी के बीच बचाया गया।
इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही चरम पर चल रहे तनाव को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की ’48 घंटे’ की चेतावनी के बीच इस रेस्क्यू मिशन को अमेरिका की बड़ी सामरिक जीत माना जा रहा है।
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