वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ रहे इमिग्रेशन के मुद्दे पर ‘तीसरी दुनिया’ (Third World) के देशों का जिक्र करते हुए एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसे कई लोग नस्लवादी और विभाजनकारी करार दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक नीति को चरम पर पहुंचाते हुए उसे ’48 घंटे’ का अल्टीमेटम दे दिया है।
इमिग्रेशन पर ट्रंप का कड़ा प्रहार: ‘इंपोर्ट करोगे तीसरी दुनिया, तो खुद बन जाओगे वही’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर प्रवासियों के मुद्दे को लेकर जो बाइडन प्रशासन की पुरानी नीतियों और वर्तमान इमिग्रेशन सिस्टम पर तीखा हमला बोला। ट्रंप ने लिखा, “अगर आप तीसरी दुनिया को अपने यहां इंपोर्ट करते हैं, तो आप खुद तीसरी दुनिया बन जाते हैं!” उनके इस बयान का सीधा संदेश यह है कि अगर विकसित देश बिना किसी कड़े नियंत्रण के विकासशील देशों से बड़ी संख्या में प्रवासियों को आने देते हैं, तो उन देशों की सामाजिक व्यवस्था, सुरक्षा और आर्थिक ढांचा भी अस्थिर हो जाएगा। ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत सीमाओं को पूरी तरह सील करने और सख्त इमिग्रेशन नियमों को लागू करने की वकालत कर रहे हैं।
ईरान के लिए 48 घंटे का ‘काउंटडाउन’ शुरू, ‘नरक बरसेगा’ की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप केवल घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ‘फुल एक्शन’ मोड में नजर आ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच उन्होंने तेहरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास समझौते के लिए केवल 48 घंटे बचे हैं। ट्रंप की मुख्य मांग है कि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को तुरंत और बिना शर्त खोले। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने उनकी बात नहीं मानी, तो उस पर ‘नरक बरसेगा’। उनके इस बयान ने पूरी दुनिया को संभावित महायुद्ध की आशंका से डरा दिया है।
ईरान का पलटवार: इजरायल और कुवैत पर दागी मिसाइलें
ट्रंप की इस धमकी का असर उल्टा होता दिख रहा है। ईरान ने झुकने के बजाय अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रविवार तड़के ईरान ने इजरायल और कुवैत को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। हालांकि दोनों देशों की वायु रक्षा प्रणालियों ने तुरंत सक्रिय होकर जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस हमले ने युद्ध की आग में घी डालने का काम किया है। ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने ट्रंप की धमकी को ‘बेवकूफाना’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका को अपनी सीमा में रहना चाहिए।
वैश्विक स्तर पर आलोचना और आशंका का माहौल
ट्रंप के ‘तीसरी दुनिया’ वाले बयान की जहां अमेरिका के भीतर और बाहर तीखी आलोचना हो रही है, वहीं ईरान के साथ उनके बढ़ते टकराव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए खतरा पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति अब वैश्विक कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। अगर 48 घंटे के भीतर ईरान के साथ कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो दुनिया को एक और बड़े सैन्य संघर्ष का गवाह बनना पड़ सकता है।
girls globe