
यदि आप खुद को बॉलीवुड के ‘किंग खान’ यानी शाहरुख खान का सबसे बड़ा और सच्चा फैन मानते हैं, तो सोशल मीडिया और सिनेमाई गलियारों में आजकल एक दिलचस्प पहेली चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशंसकों को एक छोटा सा चैलेंज दिया जा रहा है, जिसमें तीन शब्द सामने रखे गए हैं जेल (Jail), खतरनाक एक्सीडेंट (Accident) और एक एयर होस्टेस (Air Hostess)।
इन तीन अलग-अलग शब्दों का शाहरुख खान के करियर की एक कल्ट और सुपरहिट फिल्म से बेहद गहरा और अहम कनेक्शन है। अगर आप अभी भी सोच में डूबे हैं और अपने दिमाग के घोड़े दौड़ा रहे हैं, तो चलिए आपकी इस उलझन को हम सुलझा देते हैं। यह फिल्म कोई और नहीं, बल्कि साल 1994 में आई साइको-थ्रिलर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘अंजाम’ (Anjaam) है।
जब राहुल (डर) के बाद विजय अग्निहोत्री के जुनून ने पार की थीं सारी हदें
‘डर’ और ‘बाजीगर’ जैसी फिल्मों में एंटी-हीरो या नकारात्मक भूमिका निभाकर शोहरत बटोरने वाले शाहरुख खान के शुरुआती करियर की ‘अंजाम’ एक ऐसी फिल्म थी, जिसने सिनेमाघरों में दर्शकों के दिलों में उनका खौफ पैदा कर दिया था।
इस फिल्म में शाहरुख खान ने ‘विजय अग्निहोत्री’ नाम के एक अत्यधिक अमीर, बिगड़ैल और सनकी लड़के का किरदार निभाया था। विजय को फिल्म में माधुरी दीक्षित (शिवानी) से पहली नजर में प्यार हो जाता है, लेकिन जब वह प्यार एकतरफा रहता है, तो विजय का पागलपन और जुनून इस कदर बढ़ जाता है कि वह हंसती-खेलती जिंदगियों को तबाही के मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है।
फिल्म की कहानी से कैसे जुड़ते हैं ये तीन शब्द?
फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट और मुख्य टर्निंग पॉइंट्स इन्हीं तीन शब्दों के इर्द-गिर्द घूमते हैं:
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1. एयर होस्टेस: फिल्म की कहानी की मुख्य धुरी यहीं से शुरू होती है। अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का किरदार (शिवानी) पेशे से एक एयर होस्टेस का होता है। फ्लाइट के सफर के दौरान ही विजय (शाहरुख खान) की नजर शिवानी पर पड़ती है और वह उसके प्यार में पूरी तरह अंधा हो जाता है।
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2. खतरनाक एक्सीडेंट: जब शिवानी, विजय के एकतरफा प्यार और सनक को ठुकराकर अपनी पसंद के इंसान (दीपक तिजोरी) से शादी कर लेती है, तो विजय का प्रतिशोधी पागलपन शुरू होता है। वह शिवानी के पति की जान लेने के लिए उसका एक बहुत ही भयानक कार एक्सीडेंट करवा देता है और बाद में क्रूरता की हदें पार करते हुए उसे अस्पताल में ही मौत के घाट उतार देता है।
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3. जेल: विजय की प्रताड़ना यहीं नहीं रुकती। वह शिवानी को अपने जाल में फंसाने के लिए एक झूठे केस की साजिश रचता है और उसे जेल की सलाखों के पीछे भिजवा देता है। जेल के भीतर शिवानी को कई तरह के मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलने पड़ते हैं, जिसके दौरान उसके अजन्मे बच्चे की भी मौत हो जाती है।
हाफ टाइम के बाद शुरू होती है बदले की असली ‘अंजाम’
फिल्म का सेकंड हाफ (दूसरा भाग) पूरी तरह से शिवानी के खूंखार बदले पर आधारित है। जेल की प्रताड़ना सहने के बाद जब शिवानी बाहर आती है, तो वह एक बेबस लड़की नहीं, बल्कि चंडी का रूप ले चुकी होती है। वह एक-एक करके विजय अग्निहोत्री और उसके उन सभी मददगारों को मौत के घाट उतारना शुरू करती है, जिन्होंने मिलकर उसकी हंसती-खेलती दुनिया उजाड़ी थी।
फिल्म का क्लाइमेक्स, जहां शिवानी और विजय का आमना-सामना होता है, आज भी बॉलीवुड के इतिहास के सबसे वायलेंट (हिंसक), रोंगटे खड़े कर देने वाले और थ्रिलिंग क्लाइमेक्स में से एक गिना जाता है।
इस फिल्म के लिए शाहरुख को मिला था बड़ा अवॉर्ड
‘अंजाम’ फिल्म में विजय अग्निहोत्री के खौफनाक और सनकी अवतार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए शाहरुख खान को उस साल ‘फिल्मफेयर बेस्ट विलेन’ (सर्वश्रेष्ठ खलनायक) के प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजा गया था।
भले ही आज की युवा पीढ़ी ने यह पूरी फिल्म न देखी हो, लेकिन इस फिल्म का एक सदाबहार गाना ‘चने के खेत में’ आज भी शादियों, पार्टियों और रील्स पर बेहद लोकप्रिय है, जिसमें माधुरी दीक्षित ने बेहतरीन डांस किया था।
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