News India Live, Digital Desk: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ इन दिनों एक डिजिटल चूक की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजाक का पात्र बन गए हैं। मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है, जिसने यह संकेत दे दिया है कि पाकिस्तान सरकार के महत्वपूर्ण फैसले देश की जनता से पहले विदेशी ताकतों, विशेषकर व्हाइट हाउस को पता होते हैं। इस घटना के बाद विपक्षी दल इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) ने शाहबाज सरकार को ‘कठपुतली’ बताते हुए हमला तेज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? एक गलती और म मच गया बवाल
दरअसल, शाहबाज शरीफ ने गाजा में संघर्ष विराम (Ceasefire) के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट में एक ऐसी लाइन नजर आ गई जिसने यह पोल खोल दी कि पोस्ट का ड्राफ्ट व्हाइट हाउस की जानकारी में था या शायद वहीं से साझा किया गया था। पोस्ट के टेक्स्ट में ऊपर की ओर कुछ ऐसे निर्देश लिखे थे जो आमतौर पर आधिकारिक संदेश भेजने से पहले आपसी समन्वय के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। जैसे ही यह पोस्ट सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पकड़ लिया और शेयर करना शुरू कर दिया।
व्हाइट हाउस कनेक्शन: क्या डिक्टेशन पर चल रही है पाक सरकार?
विवाद की मुख्य वजह वह ‘ड्राफ्ट मोड’ था जिसमें व्हाइट हाउस के संदर्भ का जिक्र था। इससे यह आभास हुआ कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय का सोशल मीडिया हैंडल सीधे तौर पर अमेरिकी निर्देशों का पालन कर रहा है। पाकिस्तान में यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि वहां की राजनीति में ‘विदेशी हस्तक्षेप’ का मुद्दा हमेशा से हावी रहा है। पूर्व पीएम इमरान खान लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि मौजूदा सरकार अमेरिका के इशारों पर काम कर रही है, और इस एक गलती ने उनके दावों को और हवा दे दी है।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और सरकार की सफाई
गलती का अहसास होते ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत उस पोस्ट को डिलीट कर दिया और नया पोस्ट अपडेट किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वायरल स्क्रीनशॉट ने पाकिस्तान की कूटनीतिक गरिमा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का अपना कोई स्टैंड नहीं है? हालांकि, सरकार की ओर से इसे एक ‘तकनीकी खामी’ और ‘कॉपी-पेस्ट की गलती’ बताया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी वजह से पाकिस्तान की काफी किरकिरी हो रही है।
विपक्ष को मिला बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा
इमरान खान की पार्टी ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया है। पीटीआई के नेताओं का कहना है कि यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि पाकिस्तान की संप्रभुता के साथ समझौता किया जा रहा है। उनका तर्क है कि जब देश का प्रधानमंत्री अपने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी विदेशी मंजूरी का इंतजार करता है, तो वह देश के हित में स्वतंत्र फैसले कैसे ले सकता है? आने वाले दिनों में यह विवाद पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में और गहरा सकता है।
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