युद्ध विराम या कूटनीतिक जीत? डोनाल्ड ट्रंप ने मानी ईरान की 10 शर्तें जानें ट्रुथ सोशल पर क्या हुआ बड़ा एलान

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News India Live, Digital Desk: दुनिया भर की धड़कनें उस वक्त थम गईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम (Ceasefire) का एलान कर दिया। ट्रंप ने ईरान द्वारा पेश किए गए ’10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव’ को बातचीत के लिए एक “व्यावहारिक आधार” (Workable Basis) बताया है। इस ऐतिहासिक फैसले ने न केवल युद्ध की भीषण आग को फिलहाल ठंडा किया है, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी एक नई उम्मीद जगा दी है।

ईरान की वो 10 शर्तें जिन्होंने ट्रंप को सोचने पर मजबूर किया

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए जो 10 प्रमुख शर्तें रखी हैं, उनमें कुछ बेहद कड़ी और चौंकाने वाली मांगें शामिल हैं। इन शर्तों में प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

पूर्ण युद्धविराम: ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को तत्काल और स्थायी रूप से बंद करना।

क्षेत्रीय शांति: इराक, लेबनान और यमन जैसे पड़ोसी देशों में भी अमेरिकी सैन्य अभियानों पर रोक।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग को बिना किसी बाधा के फिर से खोलना।

प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी कड़े आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना।

जमी हुई संपत्ति: अमेरिका और अन्य देशों में फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के ईरानी फंड को तुरंत रिलीज करना।

पुनर्निर्माण मुआवजा: युद्ध और प्रतिबंधों से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे का भुगतान।

परमाणु संकल्प: ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा पर हथियार नहीं बनाएगा।

सैन्य वापसी: क्षेत्र से विदेशी लड़ाकू बलों की क्रमिक वापसी सुनिश्चित करना।

यूरैनियम संवर्धन: नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए सीमित संवर्धन की अनुमति का स्पष्ट प्रावधान।

तत्काल प्रभाव: समझौते पर सहमति बनते ही सभी मोर्चों पर गोलाबारी और साइबर हमलों को बंद करना।

ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’ या कूटनीतिक समझौता?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि अमेरिका ने अपने कई रणनीतिक उद्देश्य हासिल कर लिए हैं, इसलिए अब शांति वार्ता का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस डील को “Double-sided CEASEFIRE” करार दिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह केवल 14 दिनों का परीक्षण समय है। यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से नहीं खोला या शर्तों का उल्लंघन किया, तो अमेरिका फिर से कड़ा रुख अपना सकता है।

दुनिया भर में राहत, वैश्विक बाजारों में भारी उछाल

इस समझौते के पीछे पाकिस्तान की महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका बताई जा रही है। मध्यस्थता के बाद ही ट्रंप अपने उस अल्टीमेटम से पीछे हटे, जिसमें उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी थी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भारत समेत कई देशों ने राहत की सांस ली है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार में भी इस सकारात्मक खबर के बाद जोरदार तेजी देखी गई है।

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