Vehicle Re-Registration Process: पुरानी गाड़ी को कबाड़ होने से बचाएं; बेहद आसान है दोबारा रजिस्ट्रेशन का ऑनलाइन तरीका

अगर आपकी पसंदीदा कार या बाइक 15 साल पुरानी हो चुकी है या होने वाली है, तो आपको बिल्कुल भी घबराने या उसे औने-पौने दाम में कबाड़ में बेचने की जरूरत नहीं है। देश के परिवहन नियमों के मुताबिक, 15 साल पूरे होने पर गाड़ियों का मूल रजिस्ट्रेशन (RC) भले ही खत्म हो जाता है, लेकिन अगर आपकी गाड़ी की कंडीशन अच्छी है और वह चलने लायक है, तो आप उसका री-रजिस्ट्रेशन (Re-Registration) कराकर उसे अगले 5 साल के लिए और वैध करा सकते हैं।

 दिल्ली-NCR के लोगों के लिए जरूरी चेतावनी

ध्यान रखें कि नेशनल कैपिटल रीजन (Delhi-NCR) में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सरकार के कड़े नियमों के तहत 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है। इसलिए यह री-रजिस्ट्रेशन का नियम दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में लागू नहीं होता। अगर आप इस क्षेत्र से बाहर किसी भी अन्य राज्य या शहर में रहते हैं, तभी आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

पहली शर्त: आरटीओ का गाड़ी फिटनेस टेस्ट

अपनी गाड़ी को दोबारा रजिस्टर कराने के लिए सबसे पहली और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपकी गाड़ी तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट होनी चाहिए। जब आप अप्लाई करेंगे, तो आरटीओ (RTO) अधिकारी आपकी गाड़ी के निम्नलिखित हिस्सों की बारीकी से जांच करेंगे:

  • इंजन की स्थिति: इंजन से कोई अतिरिक्त आवाज या खराबी नहीं होनी चाहिए।

  • लाइट्स और इंडिकेटर्स: हेडलाइट, बैकलाइट और चारों इंडिकेटर्स ठीक से काम कर रहे हों।

  • ब्रेक सिस्टम: गाड़ी का ब्रेकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त हो।

  • पॉल्यूशन लेवल: गाड़ी तय मानकों से ज्यादा धुआं न छोड़ती हो।

जब आपकी गाड़ी इस फिटनेस टेस्ट को सफलतापूर्वक पास कर लेती है, तभी री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents Required)

आरटीओ ऑफिस जाने या ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले नीचे दिए गए सभी जरूरी कागजात अपने पास संभालकर रख लें:

दस्तावेज का नाम क्यों है जरूरी?
फॉर्म 25 (Form 25) यह री-रजिस्ट्रेशन के लिए मुख्य आवेदन फॉर्म होता है।
पुरानी आरसी (Registration Certificate) आपकी गाड़ी का ओरिजिनल पुराना रजिस्ट्रेशन कार्ड/पेपर।
वैलिड पीयूसी (PUC Certificate) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किया गया ताजा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट।
गाड़ी का बीमा (Insurance) गाड़ी का कम से कम थर्ड पार्टी या फुल इंश्योरेंस चालू होना चाहिए।
पैन कार्ड की कॉपी (PAN Card) गाड़ी के मालिक के पहचान और टैक्स सत्यापन के लिए।
फिटनेस सर्टिफिकेट आरटीओ द्वारा गाड़ी की जांच के बाद जारी किया जाने वाला प्रमाण पत्र।

ऑनलाइन अप्लाई करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

अब आपको आरटीओ के दफ्तरों के चक्कर काटने या दलालों की मदद लेने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है:

  1. सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक परिवहन सेवा पोर्टल (Parivahan Portal) पर जाएं।

  2. होमपेज पर दिए गए विकल्पों में से ‘Vehicle Related Services’ को चुनें।

  3. इसके बाद अपने राज्य का नाम और संबंधित RTO ऑफिस का चयन करें।

  4. अब स्क्रीन पर दिख रहे ‘Renewal of Registration’ (रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण) वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।

  5. यहां अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर (Chassis Number) दर्ज करके पूरा फॉर्म भरें।

  6. सभी जरूरी जानकारियां भरने के बाद तय फीस का ऑनलाइन भुगतान करें और गाड़ी के फिजिकल टेस्ट के लिए आरटीओ का अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक कर लें।

अंतिम चरण: RTO में गाड़ी की जांच

तय की गई तारीख और समय पर आपको अपनी गाड़ी और सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स को लेकर आरटीओ ऑफिस पहुंचना होगा। वहां आरटीओ इंस्पेक्टर आपकी गाड़ी का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। अगर आपकी गाड़ी टेस्ट में पास हो जाती है, तो आपकी आरसी को अगले 5 साल के लिए रिन्यू कर दिया जाएगा और नई आरसी आपके पते पर भेज दी जाएगी।

इन दो बातों का हमेशा रखें ध्यान

  • ग्रीन टैक्स का भुगतान: पुरानी गाड़ियों के रिन्यूअल के समय सरकार पर्यावरण की सुरक्षा के मद्देनजर एक अतिरिक्त शुल्क लेती है, जिसे ‘ग्रीन टैक्स’ कहा जाता है। यह फीस भी आपको रिन्यूअल चार्ज के साथ ही ऑनलाइन जमा करनी होगी।

  • समय सीमा का रखें ध्यान: आपकी गाड़ी की आरसी जिस तारीख को खत्म हो रही है, उससे कम से कम 60 दिन पहले ही री-रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर देना चाहिए। अगर आप आरसी एक्सपायर होने के बाद आवेदन करते हैं, तो आपको हर महीने के हिसाब से भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।