
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन त्योहार को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने कमर कस ली है। पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्ययोजना तैयार की गई है। नगर निगम ने जहां पूरे महानगर को चार जोन में विभाजित कर विशेष सफाई अभियान शुरू किया है, वहीं पुलिस-प्रशासन ने ईदगाह और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को 11 सेक्टरों में बांटकर अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। त्यौहार के दिन नमाज के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 6 घंटे का विशेष रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है।
नगर निगम का एक्शन प्लान: 4 जोन, 10 क्यूआरटी टीमें और हर 30 मिनट में उठेगा कूड़ा
बकरीद के दौरान शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए मुरादाबाद नगर निगम ने पूरे महानगर क्षेत्र को चार अलग-अलग जोन में बांट दिया है। इसके साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति या शिकायत से निपटने के लिए 10 क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) का गठन किया गया है, जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगी। त्योहार के दौरान सबसे अहम व्यवस्था के तहत हर 30 मिनट के भीतर ओज (कुर्बानी के बाद का अवशेष) को सुरक्षित तरीके से उठाए जाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलशहीद स्थित मुख्य ईदगाह और तमाम मस्जिदों के आसपास नियमित सफाई, चूना-फॉगिंग और जल का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही ईदगाह रोड से अतिक्रमण हटाने और आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान भी तेज कर दिया गया है।
चप्पे-चप्पे पर पहरा: 11 सेक्टरों में बंटा ईदगाह क्षेत्र, ड्रोन और वॉच टावर से निगरानी
सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर ईदगाह और उसके आसपास के पूरे इलाके को 11 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जबकि पूरे मुरादाबाद शहर को 20 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर की कमान सीओ (क्षेत्राधिकारी) और इंस्पेक्टर स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है।
इस सुरक्षा व्यवस्था में 10 सीओ के नेतृत्व में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों और दो कंपनी पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया है। ऊंची इमारतों पर रूफ टॉप ड्यूटी और वॉच टावर बनाए गए हैं, जहां से दूरबीन और आधुनिक हथियारों के साथ जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा, पूरे ईदगाह क्षेत्र में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे एक्टिव किए गए हैं और सामने स्थित एक बिल्डिंग में मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों के जरिए भी हवाई निगरानी की जाएगी।
6 घंटे तक ईदगाह रोड पर नो-एंट्री: सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक रहेगा रूट डायवर्जन
बकरीद की नमाज के समय ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मुरादाबाद में विशेष रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार के अनुसार, 28 मई को सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक ईदगाह रोड और उसके आसपास के सभी रास्तों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (नो-एंट्री) रहेगा।
इस समयावधि के दौरान मुरादाबाद शहर के भीतर किसी भी भारी वाहन, कमर्शियल ट्रक या बसों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए जगह-जगह मजबूत बैरियर लगाए गए हैं और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति और आवश्यकता के अनुसार इस डायवर्जन के समय को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन की सख्त गाइडलाइन: खुले में कुर्बानी और ओज फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध
बकरीद को लेकर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) डा. राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल ने पीस कमेटी की बैठक कर सभी समुदायों के साथ स्थिति स्पष्ट कर दी है। एडीएम सिटी अंकुर श्रीवास्तव ने महानगर और एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने ग्रामीण क्षेत्रों व सभी निकायों के उपजिलाधिकारियों (SDM) व तहसीलदारों के साथ ऑनलाइन बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी मुख्य गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी हाल में खुले स्थानों पर कुर्बानी देने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही कुर्बानी के अवशेष या ओज को खुले में फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों और गंदगी न फैले। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारी लगातार गश्त कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
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