कोयंबटूर में मासूम की हत्या पर उबला तमिलनाडु, सीएम जोसेफ विजय का कड़ा एक्शन

तमिलनाडु के औद्योगिक शहर कोयंबटूर में एक 10 साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या की सनसनीखेज घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है. इस जघन्य अपराध को लेकर जनता और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश व्याप्त है. चौतरफा दबाव और विपक्ष के तीखे तीरों के बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) ने शनिवार को इस मामले में त्वरित और सबसे कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का आधिकारिक वादा किया है. मुख्यमंत्री ने इस अमानवीय कृत्य को बेहद भयानक और अक्षम्य बताया. उन्होंने राज्य की जनता को सूचित किया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस को मामले की चौबीस घंटे के भीतर विस्तृत व वैज्ञानिक जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

सीएम जोसेफ विजय का कड़ा रुख: ‘अक्षम्य और अमानवीय कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे’

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी गहरी संवेदना और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैंने पुलिस प्रशासन को इस पूरी घटना की गहन व त्वरित जांच करने और अदालत में तत्काल चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए हैं.’ पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, ‘कोयंबटूर में हुई यह भयावह घटना हमारे समाज पर एक बदनुमा दाग है. हमारे सभ्य समाज में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे अमानवीय और अक्षम्य आपराधिक कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है कि इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले दरिंदों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए.’

उदयनिधि स्टालिन का तीखा हमला: ‘नई सरकार के 12 दिनों में हुईं 30 से अधिक गंभीर घटनाएं’

इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की कानून व्यवस्था नीति पर सीधे सवाल खड़े किए हैं. उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘इस जघन्य अपराध ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है. मासूम बच्ची की आत्मा को न्याय दिलाने की मांग हर तरफ से उठ रही है.’

विजय सरकार पर प्रशासनिक विफलता का गंभीर आरोप लगाते हुए उदयनिधि ने कहा, ‘तमिलनाडु में इस नई सरकार को सत्ता में आए मात्र 12 दिन हुए हैं और इन 12 दिनों के भीतर ही राज्य में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध, मर्डर और गांजा तस्करी समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक वारदातें दर्ज हो चुकी हैं. अब कोयंबटूर में मासूम का अपहरण और हत्या इस बात का सबूत है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. मैं तमिलनाडु की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वे राजनीतिक कार्यक्रमों को छोड़ कानून व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं.’

पलानीस्वामी और टीटीवी दिनाकरन ने भी बोला धावा

AIADMK के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने भी सरकार की कथित लापरवाही पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘यह बेहद दुखद और शर्मनाक है कि राज्य की महिलाओं और मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य यह नई सरकार इतनी बड़ी घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हुई है.’ पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों द्वारा घंटों तक सड़क पर उतरकर किए गए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो यह दिखाता है कि प्रशासन कितना सुस्त है. मासूम की जान समय रहते न बचा पाना सरकार की बड़ी लापरवाही है.

दूसरी ओर, अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (AMMK) के प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने भी शनिवार को तमिलनाडु सरकार से अपराधियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले समाज के दुश्मनों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य के अपराधियों के लिए एक नजीर बने.