केरल में CM की कुर्सी पर सस्पेंस: कांग्रेस की बंपर जीत के बाद भी क्यों फंसा पेंच?

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी, इस पर सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसमें अकेले कांग्रेस के खाते में 63 सीटें आई हैं। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भी तिरुवनंतपुरम की गद्दी पर कौन बैठेगा, इसे लेकर दिल्ली से लेकर केरल तक मंथन जारी है।

चार दिग्गजों के बीच फंसा मुकाबला, दो नाम सबसे आगे

केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए वैसे तो चार प्रमुख चेहरे रेस में माने जा रहे हैं। इनमें पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन के नाम शामिल हैं। आलाकमान द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने जब नवनिर्वाचित विधायकों और स्थानीय नेताओं की नब्ज टटोली, तो मुकाबला मुख्य रूप से केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन के बीच सिमटता नजर आया।

केसी वेणुगोपाल: राहुल गांधी की पसंद और विधायकों का भारी समर्थन

कांग्रेस के कद्दावर नेता और राहुल गांधी के बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। सूत्रों की मानें तो लगभग 70 से 80 प्रतिशत विधायक वेणुगोपाल को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। राहुल गांधी का समर्थन भी उनके पक्ष में एक बड़ा प्लस पॉइंट है। हालांकि, उनके नाम के साथ एक तकनीकी पेंच फंसा हुआ है। वेणुगोपाल फिलहाल अलाप्पुझा से सांसद हैं। यदि वे सीएम बनते हैं, तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता छोड़नी होगी और केरल में विधानसभा उपचुनाव लड़कर जीतना होगा।

वीडी सतीशन: जनता की पसंद और मुस्लिम लीग का साथ

दूसरी ओर, वीडी सतीशन का दावा भी बेहद दमदार है। नेता प्रतिपक्ष के रूप में एलडीएफ सरकार के खिलाफ उनके कड़े रुख और जमीनी संघर्ष ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। खास बात यह है कि यूडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी मुस्लिम लीग (IUML), जिसने 22 सीटें जीती हैं, वह भी सतीशन के पक्ष में खड़ी दिख रही है। मुस्लिम लीग की यह नाराजगी कांग्रेस मोल नहीं लेना चाहती, खासकर तब जब प्रियंका गांधी ने वायनाड जैसी मुस्लिम बहुल सीट से बड़ी जीत दर्ज की हो।

दिल्ली में मथानी और केरल में पोस्टर वॉर

केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान अब पोस्टर वॉर तक पहुंच गई है। सतीशन के समर्थकों द्वारा जगह-जगह लगाए गए पोस्टरों पर राहुल गांधी ने नाराजगी जताई है और उन्हें तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सतीशन ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया है कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वह सरकार में किसी अन्य पद को स्वीकार नहीं करेंगे। दूसरी तरफ, चर्चा यह भी है कि यदि वेणुगोपाल को केरल नहीं भेजा जाता, तो उन्हें अगले साल मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस संगठन में कोई बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। फिलहाल, सबकी निगाहें आलाकमान के आखिरी फैसले पर टिकी हैं।