किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मोदी सरकार का बड़ा पिटारा, MSP और नए कॉरिडोर को मिली हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में देश के आर्थिक और औद्योगिक ढांचे को मजबूती देने वाले कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगी है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अरबों रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इस बैठक में खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी से लेकर सेमी-हाई-स्पीड कॉरिडोर तक के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई है।

किसानों के लिए ₹2.6 लाख करोड़ का बड़ा दांव

अन्नदाताओं के हित में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए रिकॉर्ड ₹2.6 लाख करोड़ की राशि मंजूर की है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का सही और सुनिश्चित मूल्य मिल सके। कैबिनेट ने 14 प्रमुख खरीफ फसलों के MSP में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस फैसले से किसानों को उनकी लागत पर कम से कम 50 से 61 फीसदी तक का मुनाफा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

इन फसलों के दाम में हुई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

सरकार ने सूरजमुखी के बीज के MSP में सबसे अधिक ₹622 प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। वहीं, कपास के दाम ₹557 प्रति क्विंटल बढ़ाए गए हैं। तिलहन फसलों पर जोर देते हुए रामतिल (नाइजरसीड) में ₹515 और तिल में ₹500 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। मुनाफे के प्रतिशत को देखें तो मूंग की खेती करने वाले किसानों को सबसे अधिक 61% लाभ मिलने का अनुमान है, जबकि बाजरा, मक्का और अरहर पर भी 50 फीसदी से ज्यादा का मार्जिन मिलेगा।

कोयला गैसीकरण और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने ₹37,500 करोड़ की ‘कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के जरिए घरेलू कोयले को गैस, यूरिया और अन्य औद्योगिक रसायनों में बदला जाएगा। इससे न केवल विदेशों से होने वाले महंगे आयात में कमी आएगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। यह कदम औद्योगिक रसायनों के उत्पादन में क्रांति लाने वाला साबित हो सकता है।

कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार: सरखेज-धोलेरा कॉरिडोर

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में गुजरात के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए सरकार ने ₹20,665 करोड़ की लागत वाले ‘सरखेज-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल-लेन कॉरिडोर’ को स्वीकृति दी है। यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि धोलेरा जैसे उभरते औद्योगिक केंद्रों के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, नागपुर एयरपोर्ट को अपग्रेड कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।