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Hantavirus Alert: दुनिया पर मंडराया हंता वायरस का साया? WHO ने जारी की चेतावनी

 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में अंटार्कटिका जा रहे एक क्रूज जहाज पर हंता वायरस (Hantavirus) के घातक प्रकोप के बाद दुनिया भर के देशों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और वायरस की लंबी ‘इनक्यूबेशन अवधि’ के कारण संक्रमण फैलने की आशंका जताई है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इसकी तुलना कोविड-19 से करना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

एमवी होंडियस क्रूज पर हंता वायरस का तांडव

अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले ‘एमवी होंडियस’ (MV Hondius) क्रूज जहाज पर हंता वायरस का खौफनाक मंजर देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जहाज पर अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है और कई अन्य संक्रमित हैं। यह घटना साल 2020 के ‘डायमंड प्रिंसेस’ क्रूज संकट की याद दिला रही है, जिसने दुनिया को हिलाकर रख दिया था। WHO ने अब बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि संक्रमित यात्रियों के जरिए यह वायरस दूसरे देशों में न फैले।

क्या है हंता वायरस और यह कैसे फैलता है?

हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों (Rodents) से फैलने वाला एक जूनोटिक रोग है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वायरस तब फैलता है जब कोई व्यक्ति चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आता है या दूषित हवा में सांस लेता है।

  • लक्षण: इसके संक्रमण से हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) जैसी गंभीर सांस की बीमारी हो सकती है, जो जानलेवा साबित होती है।

  • एंडीज स्ट्रेन: वर्तमान में दक्षिण अमेरिका का ‘एंडीज स्ट्रेन’ चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में (Close Contact) फैलने की क्षमता रखता है।

अगला ‘कोविड’ क्यों नहीं है हंता वायरस?

क्रूज पर हुए प्रकोप के बावजूद वायरोलॉजिस्ट्स का मानना है कि हंता वायरस कोविड-19 की तरह वैश्विक महामारी नहीं बनेगा। इसके पीछे प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. संक्रमण का तरीका: कोविड-19 हवा के जरिए बहुत तेजी से फैलता है, जबकि हंता वायरस को फैलने के लिए बहुत ही घनिष्ठ और लंबा शारीरिक संपर्क चाहिए।

  2. धीमी म्यूटेशन रेट: यह वायरस बहुत धीमी गति से बदलता है, जिससे इसके अचानक बहुत अधिक संक्रामक होने की संभावना कम रहती है।

  3. ट्रेसिंग आसान: कोविड के विपरीत, हंता वायरस में संक्रमण का इतिहास (Contact History) स्पष्ट होता है, जिससे इसे ट्रैक करना आसान है।

क्या आम जनता को डरने की जरूरत है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। WHO ने सलाह दी है कि लोग साफ-सफाई का ध्यान रखें, चूहों से दूरी बनाएं और यदि हाल ही में यात्रा की है और बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अंटार्कटिका क्रूज मामले को ‘सीमित क्षेत्र का प्रकोप’ माना जा रहा है, न कि किसी बड़ी महामारी की शुरुआत।