
एक महिला के जीवन में मां बनने का अहसास बेहद खूबसूरत होता है, लेकिन डिलीवरी के बाद शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आते हैं। इस दौरान स्तनों में भारीपन, खिंचाव और दर्द होना बेहद आम बात है, खासकर तब जब मां बच्चे को ब्रेस्टफीड करा रही हो। ऐसे समय में अक्सर नई मांओं के मन में एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या डिलीवरी के बाद ब्रा पहनना सुरक्षित है? कुछ बुजुर्ग महिलाएं इसे न पहनने की सलाह देती हैं, तो वहीं आधुनिक चिकित्सा कुछ और ही कहती है। इस विषय पर नागपुर की मशहूर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. वैदेही मराठे (Dr. Vaidehi Marathe) ने बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं, जिन्हें हर नई मां को जानना बेहद जरूरी है।
क्या डिलीवरी के बाद ब्रा पहनना वाकई सुरक्षित है?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. वैदेही मराठे के अनुसार, डिलीवरी के बाद सही साइज और आरामदायक फैब्रिक वाली ब्रा पहनना महिलाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और फायदेमंद होता है। हालांकि, प्रसव के बाद ब्रा चुनने का उद्देश्य स्तनों को कसना या आकर्षक दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें सही सपोर्ट और आराम देना होना चाहिए। गलत साइज या गलत कपड़े की ब्रा पहनने से मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर पड़ सकता है, इसलिए इस दौरान बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
नई मांओं के लिए प्रसव के बाद ब्रा पहनने के बेमिसाल फायदे
डिलीवरी के बाद सही ब्रा का चुनाव करने से महिलाओं को कई तरह की शारीरिक समस्याओं से राहत मिल सकती है। इसके मुख्य फायदों में स्तनों के भारीपन से राहत मिलना सबसे ऊपर है क्योंकि डिलीवरी के बाद दूध बनने की प्रक्रिया के कारण स्तनों का वजन बढ़ जाता है और सही सपोर्ट न मिलने पर असहजता होती है। इसके अलावा, बढ़ा हुआ वजन पीठ और कंधों पर दबाव डालता है जिससे कमर दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है, लेकिन एक अच्छी सपोर्टिव ब्रा इस दबाव को कम कर शरीर का संतुलन बनाए रखती है। सबसे खास बात यह है कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई मैटरनिटी या नर्सिंग ब्रा से बच्चे को दूध पिलाना बेहद आसान और सुविधाजनक हो जाता है।
ब्रा खरीदते और पहनते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां
डॉक्टर के मुताबिक, प्रसव के बाद महिलाओं का शरीर बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए ब्रा का चुनाव करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले तो हमेशा सूती या किसी बेहद मुलायम कपड़े (Cotton Fabric) से बनी ब्रा ही चुनें जो त्वचा को सांस लेने दे और रैशेज या जलन का कारण न बने। बहुत ज्यादा टाइट या अंडरवायर वाली ब्रा पहनने से सख्त परहेज करें, क्योंकि अत्यधिक कसाव के कारण स्तनों में दूध की ग्रंथियां ब्लॉक हो सकती हैं जिससे दूध बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। चूंकि डिलीवरी के बाद स्तनों का आकार लगातार बदलता रहता है, इसलिए पुरानी ब्रा पहनने के बजाय दोबारा सही नाप लेकर बिल्कुल परफेक्ट साइज की ब्रा ही इस्तेमाल में लाएं।
क्या रात को सोते समय भी ब्रा पहनना जरूरी है?
रात को ब्रा पहनकर सोने को लेकर अक्सर महिलाएं असमंजस में रहती हैं। डॉ. वैदेही मराठे स्पष्ट करती हैं कि यह पूरी तरह से महिला की अपनी चॉइस और कम्फर्ट पर निर्भर करता है। यदि किसी महिला को भारीपन के कारण रात में ब्रा पहनकर सोने में आराम महसूस होता है, तो वह बिना पैड और बिना वायर वाली ढीली ब्रा पहन सकती है। वहीं, अगर किसी को रात में ब्रा पहनने से घुटन या असहजता महसूस होती है, तो वह इसे आसानी से उतारकर सो सकती है, इसमें कोई अनिवार्य नियम नहीं है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यदि आपको स्तनों में तेज और असहनीय दर्द महसूस हो रहा हो, त्वचा पर लालपन या चकत्ते दिख रहे हों, स्तनों में किसी तरह की गांठ (Lump) का अहसास हो, या अत्यधिक सूजन आ गई हो, तो इसे आम समस्या समझकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क कर उचित डॉक्टरी सलाह लें, क्योंकि यह संक्रमण या ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।
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