
आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, गलत खान-पान और अत्यधिक तनाव के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब कम उम्र के युवा भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि दिल की बीमारी का मतलब सिर्फ सीने में तेज दर्द होना है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि दिल अस्वस्थ होने पर शरीर बहुत पहले ही छोटे-छोटे संकेत देना शुरू कर देता है। अगर इन शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो किसी बड़े हादसे या हार्ट अटैक के खतरे को टाला जा सकता है। आइए जानते हैं शरीर में होने वाले उन 5 बड़े बदलावों के बारे में जो बताते हैं कि आपका दिल पूरी तरह स्वस्थ नहीं है।
1. बिना वजह लगातार थकान महसूस होना और कमजोरी आना
अगर आप पर्याप्त नींद ले रहे हैं और कोई भारी शारीरिक काम भी नहीं किया है, फिर भी आपको हर समय शरीर में सुस्ती, कमजोरी और भारी थकान महसूस होती है, तो यह दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है। जब दिल शरीर के बाकी हिस्सों में खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता है, तो मांसपेशियों और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण शरीर को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लगातार थकान बनी रहती है। खासकर महिलाओं में दिल की बीमारी का यह लक्षण बहुत आम माना जाता है।
2. थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना
अक्सर लोग सांस फूलने की समस्या को फेफड़ों से जुड़ी परेशानी या बढ़ता वजन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांस का फूलना कमजोर दिल का एक बहुत बड़ा और शुरुआती लक्षण है? जब हार्ट ठीक से ब्लड सर्कुलेशन नहीं कर पाता है, तो फेफड़ों की नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। अगर आपको थोड़ी दूर पैदल चलने, हल्का सामान उठाने या घर की सीढ़ियां चढ़ने में ही सांस फूलने लगती है या हांफने की नौबत आ जाती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
3. पैरों, टखनों और तलवों में अचानक सूजन आ जाना
पैरों और टखनों में होने वाली सूजन को एडिमा (Edema) कहा जाता है, जो दिल की सेहत खराब होने का एक साफ इशारा है। जब आपका दिल खून को उतनी तेजी से पंप नहीं कर पाता जितनी तेजी से उसे करना चाहिए, तो नसों में खून का प्रवाह धीमा हो जाता है। इसके कारण गुरुत्वाकर्षण की वजह से शरीर का फ्लूइड (तरल पदार्थ) निचले हिस्सों, खासकर पैरों, टखनों और तलवों में जमा होने लगता है। अगर आपके पैरों में अचानक बिना किसी चोट के सूजन आ रही है और जूते टाइट होने लगे हैं, तो यह हार्ट फेलियर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
4. सीने में बेचैनी, दबाव या भारीपन का अहसास होना
हार्ट से जुड़ा सबसे आम और मुख्य लक्षण सीने में असहजता महसूस होना है। यह जरूरी नहीं कि आपको हमेशा तेज और असहनीय दर्द ही हो। कई बार दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने पर सीने में हल्का दबाव, जकड़न, जलन या ऐसा भारीपन महसूस होता है जैसे कोई छाती पर बैठ गया हो। यह बेचैनी कुछ मिनटों तक रह सकती है और आराम करने पर ठीक भी हो सकती है। अगर यह दर्द धीरे-धीरे आपके बाएं कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ की तरफ बढ़ने लगे, तो यह बेहद खतरनाक स्थिति है और इसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
5. बिना किसी मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना और चक्कर आना
बिना किसी गर्मी या वर्कआउट के अचानक शरीर से ठंडा पसीना छूटना दिल की बीमारी का एक और गंभीर लक्षण है। जब ब्लॉक धमनियों के कारण दिल को खून पंप करने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है, तो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए अचानक पसीना आने लगता है। इसके साथ ही, अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं, सिर घूमता है या आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, तो इसका मतलब है कि आपके दिमाग तक खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। इन लक्षणों को साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत माना जाता है।
girls globe