
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाले दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकते हैं। जून 2026 के अंत या जुलाई की शुरुआत में होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में संशोधन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने 1 जनवरी 2026 से प्रभावी 2% डीए बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिससे कर्मचारियों का मौजूदा डीए 58% से बढ़कर 60% हो गया है।
लेकिन, इसी बीच अप्रैल 2026 के जो ताजा महंगाई आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने इस बात की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है कि अगली छमाही में कर्मचारियों के डीए में 3 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सरकारी कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 60% से छलांग लगाकर 63% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।
अप्रैल के आंकड़ों ने कैसे बदला डीए का गणित?
श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) की ओर से जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के ताजा आंकड़े ही कर्मचारियों के डीए की दिशा तय करते हैं।
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इंडेक्स में उछाल: मार्च 2026 में यह इंडेक्स जहां 149.1 पॉइंट पर था, वहीं अप्रैल 2026 में बढ़कर 149.9 पॉइंट पर पहुंच गया है।
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महंगाई दर में वृद्धि: इसी अवधि के दौरान देश में औद्योगिक श्रमिकों के लिए महंगाई दर भी 4.27% से बढ़कर 4.46% हो गई है।
12 महीने का औसत क्या कहता है?
केंद्र सरकार किसी भी डीए बढ़ोतरी के लिए पिछले 12 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों के औसत को आधार बनाती है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 से अप्रैल 2026 तक का औसत 147.51 रहा है। इस उपलब्ध डेटा को अगर तय फॉर्मूले में रखा जाए, तो डीए का सटीक स्तर 62.51% निकल रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक इसे राउंड ऑफ करके 63% माना जाएगा, जो मौजूदा 60% से पूरे 3% ज्यादा है।
3% डीए बढ़ने पर आपकी सैलरी पर कितना होगा असर?
अगर सरकार 3% की इस बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर लगा देती है, तो अलग-अलग पे-मैट्रिक्स और लेवल के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (Take-home Salary) में सम्मानजनक इजाफा होगा। आइए एक सामान्य उदाहरण से इसे समझते हैं:
(नोट: इसी तरह जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹50,000 या ₹1,00,000 के आसपास है, उनके मासिक वेतन में क्रमशः ₹1,500 और ₹3,000 से अधिक की सीधी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।)
कैसे निकाला जाता है डीए का प्रतिशत?
केंद्रीय कर्मचारियों के डीए कैलकुलेशन के लिए साल 2016 को बेस ईयर (आधार वर्ष) माना गया है। आंकड़ों को सटीक बनाने के लिए पहले AICPI-IW के नंबरों को साल 2001 के बेस ईयर के बराबर लाया जाता है, जिसके लिए उन्हें 2.88 के कन्वर्जन फैक्टर से गुणा (Multiply) किया जाता है। इसके बाद एक तय सरकारी फॉर्मूले के तहत पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर अंतिम प्रतिशत निकाला जाता है।
अभी अंतिम घोषणा के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार
हालांकि अप्रैल के आंकड़े बहुत सकारात्मक हैं और 3% बढ़ोतरी की तरफ साफ इशारा कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को अंतिम वित्तीय घोषणा के लिए थोड़ा और धैर्य रखना होगा। डीए की अंतिम और सटीक तस्वीर मई और जून 2026 के AICPI-IW आंकड़े आने के बाद ही साफ होगी। इन दोनों महीनों का डेटा जारी होने के बाद ही केंद्रीय कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देगी, जिसके बाद बढ़े हुए पैसे कर्मचारियों के बैंक खातों में आने शुरू होंगे।
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