BJP नेता के बेटे के साथ ठगी, सरकारी जमीन बेचकर लगाया चूना, केस दर्ज

उत्तराखंड में जमीनों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के मामले नए नहीं हैं, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। अब तक आम लोग ठगी का शिकार होते आए थे, मगर इस बार ठगों ने सत्ताधारी दल के ही एक विधायक के परिवार को निशाना बना दिया।

BJP नेता के बेटे के साथ ठगी

मामला कालाढूंगी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां बीजेपी विधायक बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत के साथ जमीन खरीद के नाम पर बड़ा खेल कर दिया गया। आरोप है कि पांच सगे भाइयों ने मिलकर उन्हें ऐसी जमीन बेच दी, जिसमें सरकारी भूमि भी शामिल थी। जानकारी के अनुसार यह सौदा 30 मार्च 2012 का बताया जा रहा है। विकास भगत ने ग्राम नंदपुर कठघरिया के पांच भाइयों नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र से करीब 6691 वर्ग फुट जमीन खरीदी थी। उस समय यह जमीन पूरी तरह वैध बताकर बेची गई थी, लेकिन असली सच्चाई कई साल बाद सामने आई।

5 भाईयों पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप

कहानी में मोड़ साल 2019 में आया, जब विकास भगत ने उसी जमीन को आगे बेचने की कोशिश की। तभी खुलासा हुआ कि जिस जमीन को निजी बताकर बेचा गया था, उसमें सड़क और सिंचाई विभाग की गूल नहर की जमीन भी शामिल थी। यानी सरकारी भूमि को भी सौदे में जोड़कर बेच दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 2020 में जांच कराई। जांच में साफ हो गया कि आरोपियों ने सिंचाई विभाग की गूल को नुकसान पहुंचाकर उसे अपनी जमीन में मिला लिया और फिर उसी को बेच दिया। इसके बाद विभाग और प्रशासन ने विवादित जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।

जांच के बाद 5 आरोपियों पर केस

हालांकि उस समय यह सहमति बनी थी कि विक्रेता पक्ष विकास भगत को दूसरी जगह जमीन देगा, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया। अब जाकर मामला फिर से तूल पकड़ गया है। विकास भगत की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। सीओ सिटी अमित कुमार के मुताबिक, सिंचाई विभाग की भूमि को अवैध रूप से बेचने के मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की गहराई से विवेचना की जा रही है।