पाकिस्तान में पुलवामा का एक और गुनहगार ढेर, खूंखार आतंकी हमजा बुरहान का इस्लामाबाद में जनाजा

भारत के सबसे बड़े जख्मों में से एक ‘पुलवामा आतंकी हमले’ का मास्टरमाइंड और देश का मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान अब इस दुनिया में नहीं रहा. पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोलियों से भूने जाने के बाद शुक्रवार को उसे सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) कर दिया गया. इस खूंखार आतंकी के ‘नमाज-ए-जनाजा’ में पाकिस्तान के पाले हुए कई वैश्विक आतंकी और प्रतिबंधित संगठनों के आका शामिल हुए. हमजा बुरहान, जिसे आतंकी गलियारों में ‘डॉक्टर’ के नाम से भी जाना जाता था, की मौत ने पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे भारत के दुश्मनों के बीच एक बार फिर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

जनाजे में पहुंचे ISI अधिकारी और सैयद सलाउद्दीन, अज्ञात हमले के डर से कांपे आतंकी

अर्जुनमंद गुलजार उर्फ बुरहान के जनाजे में न सिर्फ आतंकी संगठनों के कमांडर, बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के शीर्ष अधिकारी भी गुपचुप तरीके से शामिल हुए. जनाजे के दौरान हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बद्र सुप्रीमो बख्त जमीन खान मुख्य रूप से मौजूद थे. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और खुफिया इनपुट के मुताबिक, इन खूंखार आतंकियों की हिफाजत के लिए एके-47 और अत्याधुनिक हथियारों से लैस दर्जनों आतंकी चारों तरफ घेरा बनाकर तैनात थे. पाकिस्तान में एक के बाद एक हो रहे ‘अज्ञात हमलावरों’ के हमलों से आतंकी इस कदर खौफजदा थे कि जनाजे के वक्त भी उन्हें अपनी जान का डर सता रहा था.

पुलवामा हमले से जुड़ा था कनेक्शन, भारत सरकार ने घोषित किया था आतंकी

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें भारत के 40 वीर जवान शहीद हो गए थे. बुरहान इस घिनौनी साजिश के मुख्य सूत्रधारों में से एक था. इस हमले के बाद वह भागकर पाकिस्तान चला गया और वहां आतंकी संगठन ‘अल-बद्र’ में शामिल हो गया. उसकी खतरनाक गतिविधियों को देखते हुए साल 2022 में भारत के गृह मंत्रालय ने उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था. हाल के दिनों में वह अपनी पहचान छिपाकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अंडरकवर रह रहा था और मुजफ्फराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बनकर बच्चों को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ा रहा था.

सिर में मारी गईं तीन गोलियां, मौके से एक संदिग्ध गिरफ्तार

पाकिस्तानी पुलिस और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इस्लामाबाद के पास अज्ञात हमलावरों ने बुरहान को बेहद करीब से निशाना बनाया और उसके सिर में तीन गोलियां दाग दीं. खून से लथपथ आतंकी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पाकिस्तानी पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने मौके से भागने की फिराक में लगे एक संदिग्ध हमलावर को स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है.

कश्मीर से बेंगलुरु और फिर पाकिस्तान: मेडिकल की पढ़ाई छोड़ बना आतंकी

बुरहान मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था. उसके पिता गुलजार अहमद डार ने उसकी हिस्ट्री शेयर करते हुए बताया कि अर्जुमंद साल 2017 में बेंगलुरु के राजीव गांधी विश्वविद्यालय से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहा था. पहले सेमेस्टर के बाद वह दिसंबर में घर लौटा और 28 जनवरी 2018 को परिवार को बिना बताए अचानक पाकिस्तान चला गया, जहां वह आतंकी बन गया. बुरहान के पिता ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से अपील की है कि उसके दूसरे बेटे शाहिद गुलजार को भाई के गुनाहों की सजा न दी जाए. बता दें कि शाहिद को 2022 में गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय जम्मू की जेल में बंद है.