
पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौतरफा कार्रवाई का शंखनाद कर दिया है। शुक्रवार को राज्य के कद्दावर मंत्री दिलीप घोष ने एक बेहद आक्रामक बयान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि बंगाल में अब भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय जांच एजेंसियां (ED और NIA) और स्थानीय पुलिस मिलकर भ्रष्टाचारियों पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार करने जा रही हैं। यही नहीं, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर बंगाल में भी ‘बुलडोजर नीति’ की शुरुआत हो चुकी है, जिसने विपक्ष की नींद उड़ा दी है।
“ED, NIA और पुलिस… कोई नहीं बचेगा”, मंत्री दिलीप घोष का तीखा तेवर
शुक्रवार सुबह ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में जबरन वसूली रैकेट मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा:
“राज्य में अब ED की रेड होगी, NIA की रेड होगी और हमारी लोकल पुलिस भी ताबड़तोड़ छापेमारी करेगी। यहां जितने भी भ्रष्टाचार हुए हैं— चाहे वह बालू (रेत) माफिया हों, कोयला माफिया हों, सरकारी जमीन का महाघोटाला हो या फिर आम लोगों की प्रॉपर्टी लूटने का मामला हो, इन सारी चीजों की पाई-पाई जांच होगी। आप देख ही रहे हैं कि राज्य में बुलडोजर चालू हो गया है। यह सब अब रुकने वाला नहीं है, लगातार चलेगा।”
सांसद अभिषेक बनर्जी पर शिकंजा, KMC ने थमाया संपत्तियों का नोटिस
इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है जिसने टीएमसी खेमे में खलबली मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम (KMC) की तरफ से डायमंड हार्बर के सांसद और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक आधिकारिक नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस में अभिषेक बनर्जी से उनकी सभी संपत्तियों (Properties) का पूरा ब्यौरा और संबंधित जानकारी जल्द से जल्द निगम के पास जमा करने के लिए कहा गया है। इस कदम को अभिषेक बनर्जी पर प्रशासनिक शिकंजा कसने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
“बुलडोजर नीति” के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी TMC, ममता बनर्जी ने बुलाई बैठक
सरकार के इस आक्रामक रुख और बुलडोजर एक्शन से तृणमूल कांग्रेस (TMC) पूरी तरह सक्रिय हो गई है। टीएमसी ने साफ कर दिया है कि वह भाजपा सरकार की इस ‘बुलडोजर नीति’ के खिलाफ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
इस सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की एक आपात बैठक भी हुई। बैठक में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बुलडोजर के जरिए छोटे दुकानदारों और गरीबों की रोजी-रोटी को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार इस तरह की एकतरफा कार्रवाई करके देश के संवैधानिक आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सरेआम मजाक उड़ा रही है।
रेत खनन घोटाले में IAS अंसार शेख से मैराथन पूछताछ
केंद्रीय एजेंसी ED इस समय केवल नेताओं पर ही नहीं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों पर भी शिकंजा कस रही है। बुधवार को ईडी के अधिकारियों ने साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में 2016 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी अंसार शेख से घंटों तक कड़ी पूछताछ की।
यह पूछताछ झाड़ग्राम और उसके आसपास के इलाकों की नदियों से बड़े पैमाने पर किए गए अवैध रेत खनन और तस्करी के मामले में हुई है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस घोटाले में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर आईएएस अधिकारी को दूसरा समन भेजकर तलब किया गया था।
‘सोना पप्पू’ की रिमांड 10 दिन बढ़ी, पूर्व DCP और बिल्डर से जुड़े तार
जमीन हड़पने और उगाही रैकेट के मुख्य सरगना बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ को अदालत ने मंगलवार को फिर से 10 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। ईडी के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि सोना पप्पू उस बड़े सिंडिकेट का सबसे अहम हिस्सा है, जिसके तहत कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास और नामी बिल्डर जय कामदार को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। एजेंसी अब सोना पप्पू को सामने बिठाकर इस सिंडिकेट के बाकी सफेदपोश मददगारों के चेहरे बेनकाब करने की तैयारी में है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों पर नया नियम: अब जेल नहीं, सीधे सीमा पार भेजेगी शुभेंदु सरकार
भ्रष्टाचार के अलावा नई सरकार ने सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर भी अपनी नीति पूरी तरह बदल दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य में अब पकड़े जाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय अदालतों में पेश करके कानूनी प्रक्रिया में लंबा वक्त जाया नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एलान किया, ‘कल से नया नियम लागू हो चुका है। अब घुसपैठियों को जेल या कोर्ट भेजने के बजाय सीधे भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें तुरंत वापस डिपोर्ट किया जा सके।’ राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शुभेंदु सरकार का यह फैसला पिछले साल संसद द्वारा पारित किए गए ‘आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025’ के कड़े प्रावधानों के तहत लिया गया है।
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