Lucknow Police : ‘साहब वसूली का हिस्सा मांगते हैं’, सिपाही ने IPS पर लगाए सनसनीखेज आरोप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस महकमे के भीतर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक सिपाही ने वीडियो जारी कर अपने ही विभाग के एक आईपीएस (IPS) अधिकारी पर वसूली में हिस्सा मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस के आला अधिकारियों में खलबली मच गई है। आनन-फानन में मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी (ADCP) को जांच सौंप दी गई है।

सिपाही का आरोप: ‘हिस्सा न देने पर किया जा रहा प्रताड़ित’

वायरल वीडियो में सिपाही ने बेहद भावुक और आक्रोशित अंदाज में अपनी बात रखी है। उसका दावा है कि विभाग के एक उच्चाधिकारी (IPS) उससे अवैध वसूली का हिस्सा मांगते हैं। सिपाही का आरोप है कि जब उसने ऐसा करने से इनकार किया या मांग पूरी नहीं कर पाया, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा और ड्यूटी के नाम पर परेशान किया गया। सिपाही ने वीडियो में अपनी जान को खतरा होने की बात भी कही है, जिसने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।

पुलिस महकमे में मची हलचल, ADCP को मिली जांच

वीडियो के सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलते ही लखनऊ पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया है। पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी (ADCP) को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच में सिपाही के आरोपों की सत्यता और वीडियो बनाने के पीछे की वजहों का पता लगाया जाएगा। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह अनुशासनहीनता का मामला है या वाकई विभाग के भीतर किसी बड़े भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।

क्या है वीडियो की सच्चाई? विभाग ने दी सफाई

लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सिपाही के आचरण और उसकी पूर्व की ड्यूटी रिपोर्ट्स को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि कई बार अनुशासनहीनता पर होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए भी ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। हालांकि, एक आईपीएस अधिकारी का नाम आने से मामला सीधे शासन की नजर में आ गया है। जांच टीम अब सिपाही के मोबाइल रिकॉर्ड्स और उन परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है जिनमें यह वीडियो शूट किया गया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

यह वीडियो केवल पुलिस महकमे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं एक ओर वे लोग हैं जो सिपाही की हिम्मत की दाद दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे पुलिस की छवि खराब करने की साजिश मान रहे हैं। अब सबकी नजरें एडीशनल डीसीपी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि दोषी कौन है सिस्टम या सिपाही