
केदारनाथ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बाबा केदार की पावन नगरी में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा निर्मित अत्याधुनिक अस्पताल का भव्य उद्घाटन किया। ‘स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी’ के सहयोग से संचालित होने वाला यह अस्पताल केदारनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए एक ‘संजीवनी’ की तरह काम करेगा।
दुनिया का सबसे ऊंचा आधुनिक अस्पताल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह शायद विश्व का पहला ऐसा आधुनिक अस्पताल है, जो तमाम हाई-टेक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
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सुरक्षित यात्रा: राज्य सरकार केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं: उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस स्तर के अस्पताल के खुलने से स्वास्थ्य ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी।
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श्रद्धालुओं का हाल-चाल: उद्घाटन के बाद सीएम ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्रद्धालुओं से मिलकर उनका हाल-चाल भी जाना।
अस्पताल की विशेषताएं: क्या है इसमें खास?
12,000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया यह अस्पताल विशेष रूप से पहाड़ी और ठंडे इलाकों की चुनौतियों को देखते हुए तैयार किया गया है:
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50 बिस्तरों की क्षमता: यह अस्पताल 50 बेड का है, जिसमें आपातकालीन स्थितियों के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं।
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उच्च तुंगता रोग (High Altitude Ailments): ऊंचाई पर होने वाली ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक ठंड से होने वाली समस्याओं के त्वरित इलाज के लिए यहां विशेष व्यवस्था है।
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आधुनिक उपकरण: अस्पताल में आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें और जीवन रक्षक प्रणाली (Life Support System) मौजूद है।
आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य संकल्प
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की स्वास्थ्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि:
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आयुष्मान कार्ड: राज्य में अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके तहत नागरिकों को मुफ्त इलाज मिल रहा है।
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मेडिकल कॉलेज: सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाए, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
यह अस्पताल न केवल केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों को भी अब इलाज के लिए मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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