Delhi Traffic Congestion Plan: दिल्ली को मिलेगी जाम और प्रदूषण से मुक्ति! भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगेगा कंजेशन चार्ज, यमुना किनारे बनेगा 52KM लंबा साइकिल ट्रैक

देश की राजधानी दिल्ली में रोजाना घंटों लंबे ट्रैफिक जाम, रेंगते वाहनों और उससे पैदा होने वाले जहरीले धुएं से परेशान लाखों दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी कार्ययोजना तैयार की गई है। दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल सचिवालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और एकीकृत यातायात संचालन निकाय (UMTA) ने मिलकर राजधानी की सड़कों को जाम-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए एक व्यापक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नीति का खाका खींचा है। इस नई नीति के तहत जहां पीक आवर्स के दौरान अत्यधिक व्यस्त सड़कों और कॉमर्शियल हब में प्रवेश करने वाले निजी वाहनों पर कंजेशन चार्ज (Congestion Tax) लगाने की तैयारी है, वहीं गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए यमुना के दोनों किनारों पर 52 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड साइकिल व पेडेस्ट्रियन ट्रैक विकसित किया जाएगा।

13 प्रमुख बॉटलनेक और कमर्शियल हब्स में कंजेशन चार्ज की तैयारी

लंदन, सिंगापुर और स्टॉकहोम जैसे वैश्विक महानगरों की तर्ज पर दिल्ली के सबसे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील 13 प्रमुख कॉरिडोर पर पीक आवर्स के दौरान कंजेशन प्राइसिंग मॉडल लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।

  • स्वचालित टोलिंग और RFID तकनीक: इस व्यवस्था के तहत सड़कों पर कोई बैरियर या टोल प्लाजा नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि हाई-टेक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों और फास्टैग (FASTag)/आरएफआईडी स्कैनर्स की मदद से वाहनों की पहचान कर स्वतः चार्ज काटा जाएगा।

  • पीक आवर्स में निजी वाहनों पर लगाम: सुबह के व्यस्त समय (8:30 AM से 11:30 AM) और शाम के समय (5:30 PM से 8:30 PM) के दौरान कनाट प्लेस, आईटीओ, करोल बाग, लाजपत नगर, नेहरू प्लेस, आश्रम और धौला कुआं जैसे भारी दबाव वाले इलाकों में प्रवेश करने पर निजी कारों और टैक्सियों पर डायनामिक कंजेशन चार्ज लागू होगा।

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी छूट: बसों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और गैर-प्रदूषणकारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा ताकि लोग निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो और सिटी बसों का अधिक इस्तेमाल करें।

यमुना रिवरफ्रंट पर 52 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड साइकिल ट्रैक

ग्रीन मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना फ्लडप्लेन और रिवरफ्रंट पर एक विशाल नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (NMT) कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है।

  • वजीराबाद से ओखला बैराज तक का विस्तार: यह आधुनिक 52 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक वजीराबाद बैराज से शुरू होकर आईएसबीटी कश्मीरी गेट, राजघाट, आईटीओ बैराज, मयूर विहार और कालिंदी कुंज होते हुए ओखला बैराज तक दोनों किनारों पर फैला होगा।

  • पूर्णतः सुरक्षित और हरा-भरा गलियारा: इस पूरे ट्रैक को मुख्य मोटर हाईवे से पूरी तरह अलग (Segregated) रखा जाएगा। ट्रैक के दोनों तरफ छायादार पेड़, वॉटर स्टेशन, एलईडी सोलर लाइट्स, पब्लिक टॉयलेट्स और आपातकालीन एसओएस (SOS) बूथ बनाए जाएंगे।

  • पब्लिक बाइक शेयरिंग और लास्ट माइल कनेक्टिविटी: इस 52 किमी ट्रैक को कश्मीरी गेट, शास्त्री पार्क, सराय काले खां और मयूर विहार जैसे प्रमुख मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। ट्रैक के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर स्मार्ट इलेक्ट्रिक साइकिल रेंटल डॉक लगाए जाएंगे, जिससे ऑफिस जाने वाले लोग आसानी से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पूरी कर सकें।

बॉटलनेक फ्री दिल्ली: 77 प्रमुख चौराहों की री-इंजीनियरिंग

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और यूएमटीए (UMTA) द्वारा चिन्हित किए गए 77 सबसे घातक ट्रैफिक बॉटलनेक्स को ठीक करने के लिए सिविल री-इंजीनियरिंग का काम शुरू किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से:

  • फ्री लेफ्ट टर्न और स्लिप रोड्स: चौराहों पर लाल बत्ती के कारण मुड़ने वाले वाहनों के रुकने से लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए सभी प्रमुख क्रॉसिंग पर फ्री लेफ्ट टर्न स्लिप रोड्स का निर्माण किया जाएगा।

  • फ्लाईओवर और अंडरपास का जाल: आश्रम-डीएनडी एक्सटेंशन, पंजाबी बाग क्लब रोड फ्लाईओवर, आनंद विहार आरओबी और मुकरबा चौक जैसे जंक्शनों पर बचे हुए मिसिंग लिंक्स को तेजी से जोड़कर सिग्नल-फ्री कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं।

  • स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम (ITMS): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी दिल्ली में तैनात किया जा रहा है, जो ट्रैफिक घनत्व (Density) के आधार पर खुद ब खुद ग्रीन लाइट का समय घटाएगा और बढ़ाएगा।

पार्किंग माफिया पर नकेल और डायनामिक ऑन-स्ट्रीट पार्किंग चार्ज

दिल्ली की सड़कों पर अवैध पार्किंग ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरती है। नए मास्टर प्लान के तहत दिल्ली नगर निगम (MCD) और एनडीएमसी (NDMC) द्वारा सभी प्रमुख बाजारों में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग की दरों को पीक आवर्स में महंगा करने का नियम बनाया जा रहा है, जबकि अंडरग्राउंड और मल्टी-लेवल ऑटोमेटेड पार्किंग (MLCP) में गाड़ी खड़ी करने पर रियायती दरें दी जाएंगी। मुख्य सड़कों पर नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर भारी चालान और व्हीकल जब्ती की प्रक्रिया को सख्त बनाया जाएगा।

हवा की गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण पर सीधा असर

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अध्ययनों के अनुसार, दिल्ली के कुल पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषण में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाहनों से निकलने वाले धुएं और ट्रैफिक में बार-बार गाड़ी स्टार्ट-स्टॉप होने से होती है। जब गाड़ियां जाम में खड़ी रहती हैं, तो वे सामान्य से तीन गुना अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करती हैं। कंजेशन टैक्स और 52 किमी साइकिल ट्रैक के इस संयुक्त मॉडल से दिल्ली की सड़कों पर लगभग 20% तक निजी वाहनों का दबाव कम होने और जहरीली गैसों के उत्सर्जन में भारी गिरावट आने की उम्मीद जताई गई है।