जेवर एयरपोर्ट जाना होगा अब बेहद आसान; ₹5,000 करोड़ की लागत से बनेगा डीएनडी-आगरा एक्सप्रेसवे एलिवेटेड कॉरिडोर

दिल्ली-एनसीआर के लोगों और जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। एयरपोर्ट तक की पहुंच को रफ्तार देने और रास्ते के सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त बनाने के लिए एक बेहद शानदार प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। अब डीएनडी (DND) फ्लाईओवर से लेकर सीधे आगरा एक्सप्रेसवे तक 31.2 किलोमीटर लंबा और ‘8-लेन’ का एक विशाल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है।

लगभग 5,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाले इस शानदार प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपा गया है। शासन स्तर पर हुई एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में एनएचएआई के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (YEIDA) के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जिसमें इस रूट की रूपरेखा को अंतिम मंजूरी दी गई।

एक नजर में: एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का पूरा प्रोफाइल

इस नए हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ी मुख्य बातें आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु विस्तृत जानकारी (Project Details)
प्रोजेक्ट का नाम डीएनडी-आगरा एक्सप्रेसवे एलिवेटेड कॉरिडोर
कुल लंबाई 31.2 किलोमीटर
लेन की संख्या 8-लेन (हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे)
अनुमानित लागत लगभग ₹5,000 करोड़
प्रोजेक्ट का रूट डीएनडी टोल प्लाजा (नोएडा सेक्टर-94) से ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव (GBU के पास) तक
विकासकर्ता एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)

कहां से शुरू होगा और कहां तक जाएगा यह नया रूट?

इस प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाइवे के टोल प्लाजा के पास से होगी। यहां से शुरू होकर यह नोएडा के सेक्टर-94 और यमुना तटबंध मार्ग (यमुना पुश्ता रोड) के ऊपर से गुजरते हुए ग्रेटर नोएडा में गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) के पास स्थित घरबरा गांव तक जाएगा, जहां यह सीधे आगरा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा।

इस कॉरिडोर के बन जाने से दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच का फासला न सिर्फ बेहद कम हो जाएगा, बल्कि वाहन चालक बिना किसी सिंगल रेड लाइट या लोकल ट्रैफिक के सीधे जेवर एयरपोर्ट के रास्ते पर चढ़ सकेंगे। इसके लिए एनएचएआई की सलाहकार फर्म जल्द ही एक विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट (DFR) तैयार करके काम शुरू करने की तारीख तय करेगी।

 उद्योगों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए बनेगा लाइफलाइन

जेवर में तैयार हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। सरकार की कोशिश है कि एयरपोर्ट के पूरी तरह चालू होने से पहले उससे जुड़े सभी सड़क संपर्कों को मजबूत कर लिया जाए। यह एलिवेटेड रूट न केवल हवाई यात्रियों का समय बचाएगा, बल्कि एयर कार्गो, फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भी एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा। इसके जरिए नोएडा का सीधा संपर्क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बेहद मजबूत हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई का खर्च घटेगा और एनसीआर में औद्योगिक निवेश को एक नया बूम मिलेगा।