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बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जेडीयू में सियासी घमासान और तीखी बयानबाजी

बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर और सियासी हलचल चरम पर है। राज्य के बहुचर्चित विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा पहले से ही हाई था, लेकिन अब इस गर्माहट में एक और नया और तीखा अध्याय जुड़ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार सह मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार की अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद उन्हें राजधानी पटना के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। लेकिन उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही पार्टी के भीतर और बाहर जुबानी जंग तेज हो गई है, खासकर मोकामा के बागी विधायक अनंत सिंह के एक तंज ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक हवा दे दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, एमएलसी नीरज कुमार को दिल से जुड़ी परेशानी (हार्ट इश्यू) के चलते अचानक सोमवार देर रात अस्पताल ले जाया गया। चूंकि राज्य में आगामी 23 अक्टूबर को विधान परिषद की सीटों के लिए मतदान होना है, ऐसे महत्वपूर्ण और नाजुक वक्त पर उम्मीदवार की तबीयत बिगड़ने से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंता काफी बढ़ गई है। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार, वे पहले से ही हृदय संबंधी समस्याओं से जूझते रहे हैं। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है, और राजनीतिक हलकों में हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। हालांकि, इस स्वास्थ्य संकट के बीच उनके राजनीतिक विरोधियों, विशेषकर पार्टी के भीतर से ही उठ रहे बागी तेवरों ने इस मामले को तूल दे दिया है।

जेडीयू एमएलसी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, वैसे ही अपने बेबाक और कड़े बयानों के लिए जाने जाने वाले मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक तीखा और सियासी तंज कस दिया। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी आदत है। अनंत सिंह ने तंज कसते हुए यह तक कह दिया कि जब-जब चुनाव के दौरान बूथ पर पैसे भेजने या खर्च उठाने की बारी आती है, तब-तब इस तरह की तबीयत खराब होने का नाटक शुरू हो जाता है और वे अस्पताल पहुंच जाते हैं। उनके इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और जेडीयू के भीतर चल रही अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सड़क पर आ गई है।

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का यह छत्तीस का आंकड़ा कोई नया नहीं है। पिछले कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। आगामी एमएलसी चुनाव में भी यह आपसी कलह खुलकर सामने आ चुकी है, जहां मोकामा विधायक अनंत सिंह पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करते नजर आए हैं। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान दोनों तरफ से एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले गए थे। नीरज कुमार ने जहां खुले मंच से अनुशासनहीनता और विरोधियों को आड़े हाथों लिया था, वहीं अनंत सिंह ने भी साफ कर दिया था कि वे अपनी शर्तों पर राजनीति करते हैं और पार्टी के भीतर हर फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते।

एक तरफ जहां पार्टी के अपने ही विधायक और बागी तेवर चुनाव के वक्त मुश्किलें खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। आचार संहिता के उल्लंघन और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर हाल ही में पुलिस प्रशासन ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं। ऐसे माहौल में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार का अस्पताल के आईसीयू में भर्ती होना और उस पर विरोधी खेमे के नेता का इस तरह का तंज कसना जेडीयू के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंदरूनी कलह और बयानबाजी का असर आने वाले मतदान पर कितना पड़ेगा, यह तो चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे, फिलहाल यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है।