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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का धार्मिक दौरा और विकास कार्यों का निरीक्षण

बिहार की राजनीति और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी धार्मिक आस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए विभिन्न ऐतिहासिक दुर्गा मंदिरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शुमार तेलडीहा और असरगंज के दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। मंदिरों में दर्शन और पूजन के तुरंत बाद उन्होंने बांका और मुंगेर सीमा क्षेत्र से गुजरने वाली बदुआ नदी के तट पर चल रहे महत्वकांक्षी रिवर फ्रंट विकास परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उनके इस दौरे से स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले बांका जिले के ऐतिहासिक और बहुचर्चित तेलडीहा दुर्गा मंदिर पहुंचे। यह मंदिर न सिर्फ स्थानीय बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर परिसर में पहुंचते ही पुजारियों और स्थानीय प्रबंधन समिति ने उनका भव्य स्वागत किया। पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाया और माल्यार्पण कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने माता से प्रार्थना की कि बिहार का हर नागरिक स्वस्थ रहे, राज्य में चहुंमुखी विकास हो और समाज में आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पूजा के पश्चात उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद आम जनता और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

पूजा-पाठ के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे बदुआ नदी के तट पर पहुंचे, जहां बहुप्रतीक्षित ‘बदुआ नदी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ का कार्य चल रहा है। ज्ञात हो कि इस परियोजना का उद्देश्य न केवल नदी के तटों का सौंदर्यीकरण करना है, बल्कि ऐतिहासिक तेलडीहा मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि तय समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि बाढ़ के समय तटवर्ती गांवों की सुरक्षा भी पुख्ता हो सके।

तेलडीहा के बाद मुख्यमंत्री ने असरगंज स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर का भी दौरा किया और वहां पहुंचकर मां भगवती की आराधना की। इस दौरान मीडिया और स्थानीय गणमान्य लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य के सभी धार्मिक और पौराणिक स्थलों के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देना है ताकि अधिक से अधिक सैलानी बिहार की समृद्ध संस्कृति से रूबरू हो सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्राचीन धरोहरों का संरक्षण करना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है और सरकार इसके लिए लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री के इस औचक और महत्वपूर्ण दौरे की भनक लगते ही मंदिर परिसरों और सड़क मार्ग के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। लोगों ने बदुआ नदी रिवर फ्रंट के निर्माण कार्य को लेकर सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रिवर फ्रंट के बन जाने से न केवल क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि बाढ़ की विभीषिका से भी स्थाई राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ा और मील का पत्थर साबित होता नजर आ रहा है।