बिल्ली का प्यार कहीं कर न दे बीमार! खरोंचने या काटने को न लें हल्के में, ‘कैट स्क्रैच डिजीज’ से हो सकता है गंभीर नुकसान

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पालतू या आवारा बिल्ली के साथ खेलते समय उनका खरोंच देना या काट लेना एक आम बात लगती है। अक्सर लोग इसे मामूली घाव समझकर घर पर ही छोड़ देते हैं या पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपकी सेहत पर बहुत भारी पड़ सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिल्लियों के जरिए इंसान के शरीर में ‘कैट स्क्रैच डिजीज’ (Cat Scratch Disease – CSD) नाम का खतरनाक संक्रमण फैल सकता है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

आखिर क्या है ‘कैट स्क्रैच डिजीज’ (CSD)?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो ‘बार्टोनेला हेंसेले’ (Bartonella henselae) नामक जीवाणु के कारण होता है। जब कोई संक्रमित बिल्ली किसी इंसान को काट लेती है या अपने पंजों से जोर से खरोंच मारती है, तो उसकी लार या पंजों में मौजूद यह बैक्टीरिया सीधे इंसान के खून (Bloodstream) में प्रवेश कर जाता है और शरीर में संक्रमण फैलाने लगता है।

भूलकर भी नजरअंदाज न करें ये 4 बड़े लक्षण

बिल्ली के हमले या खरोंचने के कुछ दिनों बाद शरीर में संक्रमण के संकेत दिखने लगते हैं। अगर आपको अपने शरीर में ये बदलाव दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:

घाव वाली जगह पर उभार: बिल्ली ने जहां काटा या खरोंचा है, वहां लाल दाने निकल आना या मवाद (Pus) वाले बड़े छाले पड़ जाना।

लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन: संक्रमण फैलने पर घाव के आस-पास की गांठों—जैसे गर्दन, बगल (Underarms) या कोहनी के पास—तेज दर्द और भारी सूजन होना।

लगातार बुखार और सिरदर्द: शरीर में हल्का लेकिन लगातार बुखार का बना रहना और बेवजह तेज सिरदर्द होना।

अत्यधिक थकान: बिना कोई भारी काम या मेहनत किए शरीर में सुस्ती और कमजोरी महसूस होना।

बिल्ली के खरोंचने या काटने पर तुरंत उठाएं ये कदम

अगर आपको या घर में किसी बच्चे को बिल्ली खरोंच ले, तो घबराने के बजाय ये फर्स्ट-एड (First-Aid) तुरंत अपनाएं:

घाव की गहरी सफाई: बिना एक पल की देरी किए घाव को साफ बहते पानी और साबुन से कम से कम 10 मिनट तक अच्छी तरह रगड़कर धोएं।

एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल: घाव को सुखाने के बाद उस जगह पर कोई अच्छी एंटीसेप्टिक क्रीम या लोशन जरूर लगाएं ताकि बाहरी बैक्टीरिया न पनपें।

डॉक्टर से लें मेडिकल सलाह: घाव धोने के बाद तुरंत किसी चिकित्सक के पास जाएं और टिटनेस (Tetanus) व रेबीज (Rabies) के टीके को लेकर परामर्श लें। अगर बिल्ली आवारा (Stray cat) है, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए वैक्सीनेशन में बिल्कुल भी कोताही न बरतें।

किसे है इस संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा?

चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी छोटे बच्चों और उन लोगों को बहुत जल्दी अपनी चपेट में लेती है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर है। अगर समय रहते इस बैक्टीरियल संक्रमण का मेडिकल इलाज न मिले, तो यह हड्डियों, जोड़ों और यहां तक कि आंखों की नसों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, अगली बार बिल्ली के खरोंचने को केवल एक मामूली खरोंच समझने की भूल न करें।

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