दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का ‘साइड इफेक्ट’: रुड़की से लग्जरी बसें नदारद, यात्रियों को मंगलौर तक की दौड़ लगाने की मजबूरी

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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद जहां दिल्ली-देहरादून का सफर आसान हुआ है, वहीं रुड़की शहर के यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। अधिकांश लग्जरी बसों (वोल्वो और एसी) ने अपना मार्ग बदलकर नए कॉरिडोर से संचालन शुरू कर दिया है, जिससे रुड़की रूट पूरी तरह उपेक्षित हो गया है।

रुड़की रूट से क्यों हटीं लग्जरी बसें?

कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) सहित अन्य राज्यों की लग्जरी बसों ने समय और दूरी बचाने के लिए नए मार्ग को प्राथमिकता दी है:

रूट डायवर्जन: अधिकांश वोल्वो और एसी बसें अब रुड़की शहर के भीतर आने के बजाय सीधे कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रही हैं।

मंगलौर बना ‘हब’: जब से मंगलौर बाईपास बना है, बसें रुड़की आने के बजाय मंगलौर के अब्दुल कलाम चौक पर यात्रियों को उतारती या उठाती हैं।

रुड़की डिपो की स्थिति: स्थानीय डिपो के पास अपनी कोई वोल्वो या एसी बस उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों की निर्भरता देहरादून-दिल्ली रूट वाली बसों पर ही रहती है।

यात्री परेशान: 2 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिल रही बस

शुक्रवार को रुड़की के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्री अर्पित शर्मा ने बताया कि पहले मंगलौर चौक पर आसानी से बस मिल जाती थी, लेकिन अब कॉरिडोर खुलने के बाद वहां भी लग्जरी बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों की मांग है कि रुड़की शहर के लिए अलग से वोल्वो एवं एसी बस सेवा शुरू की जानी चाहिए।

परिवहन मंत्री का आश्वासन: जल्द सुधरेगा टाइम-टेबल

रुड़की में बढ़ती नाराजगी को देखते हुए उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉरिडोर खुलने का मतलब यह नहीं है कि रुड़की रूट बंद कर दिया जाएगा।

“मामला संज्ञान में आया है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के साथ-साथ देहरादून से रुड़की होकर दिल्ली जाने वाली लग्जरी बसों का संचालन भी जारी रहेगा। जल्द ही एक समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी और बसों का टाइम-टेबल इस तरह तय किया जाएगा कि रुड़की के यात्रियों को कोई असुविधा न हो।” — प्रदीप बत्रा, परिवहन मंत्री

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

समस्या प्रभाव
कॉरिडोर का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को पीएम मोदी द्वारा।
रूट परिवर्तन 16 से अधिक लग्जरी बसें अब कॉरिडोर से चल रही हैं।
रुड़की की उपेक्षा शहर में वोल्वो और एसी बसों का आना कम हुआ।
वर्तमान विकल्प यात्रियों को बस पकड़ने मंगलौर अब्दुल कलाम चौक जाना पड़ रहा है।

प्रशासन के इस आश्वासन के बाद अब रुड़की के निवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही शहर में लग्जरी बसों का नियमित संचालन बहाल होगा।