चारधाम यात्रा को लेकर महाराज सख्त: सभी वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के दिए निर्देश, बोले लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

चारधाम यात्रा 2026 को लेकर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सख्त नजर आ रहे हैं। मंत्री ने शनिवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मंत्री ने चारधाम यात्रा रुट की सभी सड़कों की स्थिति का आंकलन करने के साथ-साथ सभी 13 वैकल्पिक मार्गों को तैयार रखने के निर्देश दिए।

यात्रा के दौरान नहीं होगी किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त: महाराज

मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग सभागार में लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि सीएम धामी और हम सभी चाहते हैं कि चारधाम यात्रा सरल, सुगम और सुरक्षित हो इसलिए यात्रा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नदियों के चैनेलाइजेशन का काम पूरा करने के दिए निर्देश

मंत्री ने भटवाडी, डबराड़ी, चडेथी जगहों पर नदी का स्तर सिल्ट के कारण ऊपर उठने से सड़क के प्रभावित होने की जानकारी देते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय से नदियों के चैनेलाइजेशन का काम पूरा होना चाहिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट (Accident-prone areas) की पहचान के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों की मैपिंग और प्राथमिकता निर्धारण के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

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GPS ट्रैकिंग होगी लागू

GPS आधारित मशीनरी ट्रैकिंग, एकतरफ़ा यातायात प्रणालियों, मार्ग-परिवर्तन योजनाओं, सड़क संकेतों, रिफ़्लेक्टरों और क्रैश बैरियरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, मंत्री ने इन सभी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए, सड़क के दोनों ओर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर स्पष्ट रूप से साइनबोर्ड लगाए जाएं, जिन पर पेट्रोल पंपों, अस्पतालों और रेस्तरांओं की दूरियां अंकित हों।

होटल-ढाबों में हाइजीन पर दिया जोर

मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि रेस्तरांओं के बाहर ऐसे साइनबोर्ड प्रमुखता से लगाए जाएं, जो मुफ़्त पश्चिमी-शैली के शौचालयों की उपलब्धता को दर्शाते हों। ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में वेटर और अन्य कर्मचारियों को हाइजीनिक पर्पस के लिए ग्लव्स पहनना अनिवार्य किये जाने, सैनेटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को और रैथल, द्वारा, रोड़ीताल, खोड़ाताल के खराब ट्रैक रूटों सही करने के भी निर्देश दिए गए।