मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ गया महायुद्ध! अमेरिकी एयरस्ट्राइक का ईरान ने लिया खौफनाक बदला, US एयरबेस पर दागीं ताबड़तोड़ मिसाइलें

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सीधे युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों से भड़के ईरान ने अब आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। ईरान की संभ्रांत सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार तड़के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया है। इस भीषण जवाबी कार्रवाई की पुष्टि खुद ईरान की IRGC ने आधिकारिक तौर पर की है जिसके बाद से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

तड़के 5 बजे ईरान ने बरसाईं मिसाइलें, राजभवन से लेकर पेंटागन तक मची खलबली

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने इस खौफनाक सैन्य कार्रवाई को गुरुवार तड़के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5 बजे अंजाम दिया। IRGC ने एक बेहद कड़ा आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि उनके मिसाइल दस्ते ने अमेरिकी सेना के एक एक्टिव और बेहद महत्वपूर्ण एयरबेस को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागी हैं। ईरान का साफ कहना है कि यह हमला अमेरिकी सेना की उस हिमाकत का सीधा जवाब है, जिसमें अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के बेहद संवेदनशील बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास बमबारी की थी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से अभी तक अमेरिकी एयरबेस के सटीक नाम का खुलासा दोनों में से किसी भी देश ने नहीं किया है।

3 महीने से सुलग रही है जंग की आग, 48 घंटे में दूसरी बार अमेरिका ने की थी बमबारी

आपको बता दें कि दोनों शक्तिशाली देशों के बीच इस भीषण जंग की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी। इसके बाद वैश्विक दबाव में एक अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) तो हुआ, लेकिन यह शांति ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी। दोनों ही देश लगातार एक-दूसरे पर सीजफायर के उल्लंघन का संगीन आरोप लगाते रहे हैं। तनाव तब और चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका ने बीते 48 घंटों के भीतर दूसरी बार होर्मुज के पास स्थित ईरानी ठिकानों को हवाई हमलों का निशाना बनाया। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि यह एक ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ थी, जिसके तहत उन्होंने ईरान के कई उन ड्रोन्स को हवा में ही तबाह कर दिया जो होर्मुज जलडमरू मध्य में अमेरिकी जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन सकते थे।

ट्रंप का तीखा बयान और परमाणु मुद्दे पर अधर में लटका शांति समझौता

इस भीषण गोलाबारी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है जिसने आग में घी डालने का काम किया है। कैबिनेट की एक हाई-लेवल बैठक के बाद ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरान अपनी ‘आखिरी सांसें गिन रहा है’ और वे जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करने वाले हैं। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही शांति वार्ता परमाणु सामग्री के मुद्दे पर आकर पूरी तरह ठप हो गई है। अमेरिका की सख्त शर्त है कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिकी प्रशासन को सौंप दे, जबकि ईरान ने दोटूक शब्दों में कह दिया है कि वह अपनी संप्रभुता से खिलवाड़ कर इस शर्त को कभी स्वीकार नहीं करेगा। इसी गतिरोध के कारण अब बातचीत की मेज पूरी तरह बिखर चुकी है।

जंग का नया अखाड़ा बना ‘बंदर अब्बास पोर्ट’, क्यों आमने-सामने हैं दोनों महाशक्तियां

इस ताजा संघर्ष में अब ईरान का ‘बंदर अब्बास पोर्ट’ युद्ध का मुख्य केंद्र बन चुका है। ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित यह बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बिल्कुल करीब है और इसे ईरान की अर्थव्यवस्था व राष्ट्रीय सुरक्षा की लाइफलाइन माना जाता है। अमेरिका ने इसी बेहद संवेदनशील पोर्ट सिटी को अपना निशाना बनाया है। अमेरिकी नौसेना का आरोप है कि ईरान की IRGC इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने की कोशिश कर रही थी। इसी का बदला लेने के लिए अमेरिकी नौसेना ने बंदर अब्बास में स्थित ईरान के ड्रोन कंट्रोल स्टेशनों और सैन्य जहाजों को तबाह कर दिया, जिसने ईरान को इस कदर आगबबूला कर दिया कि उसने सीधे अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दाग दीं।