
उत्तर प्रदेश के मौसम में इस समय बड़े और चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पूरब से आ रही ठंडी ‘पुरवा’ हवाओं ने भीषण लू (Heatwave) के थपेड़ों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में एक बड़े और विनाशकारी आंधी-तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
गुरुवार सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के कारण धूप के तेवर थोड़े नरम जरूर हुए हैं, लेकिन असली बदलाव आज देर रात या शुक्रवार से दिखने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
31 मई तक थमेगा नहीं आंधी-बारिश का दौर, गिरेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक एक मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसका असर दिल्ली, हरियाणा और खासकर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।
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तूफान की रफ्तार: मैदानों में आमतौर पर 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, लेकिन कुछ समय के लिए इसकी गति 100 किमी प्रति घंटे या उससे भी पार पहुंच सकती है।
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कब रहेगा असर: मौसम की यह खतरनाक गतिविधियां आज (गुरुवार) देर रात से शुरू होकर शुक्रवार सुबह या शुक्रवार देर शाम तक अपने चरम (29 मई को) पर रह सकती हैं। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का यह सिलसिला 31 मई तक जारी रहने का अनुमान है।
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तापमान में गिरावट: इस आंधी और बारिश के कारण तप रहे उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, राहत का यह दौर अस्थाई है; 1 जून से एक बार फिर पारा 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ना शुरू हो जाएगा।
गर्मी के बीच बढ़ा वायु प्रदूषण, सांस के मरीजों की बढ़ी चिंता
एक तरफ जहां लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की हवा भी लगातार जहरीली और प्रदूषित होती जा रही है। पूरब से लेकर पश्चिम तक के जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसने सांस और हृदय (Heart) के रोगियों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
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धूल के कण हुए सक्रिय: विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी और तेज धूप के कारण वायुमंडल में धूल के बेहद महीन कण (Particulate Matter) अधिक सक्रिय होकर हवा में तैरने लगते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है।
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वाराणसी का हाल: धार्मिक नगरी वाराणसी में पिछले 10 दिनों से एक्यूआई सामान्य से ऊपर चल रहा है। बुधवार को यहां का औसत AQI 106 दर्ज किया गया, जबकि इससे एक दिन पहले यह 186 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था।
मेरठ बना उत्तर प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर, देश में तीसरे नंबर पर
बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली से सटा मेरठ जिला पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे प्रदूषित और देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया।
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AQI का स्तर: मेरठ का एक्यूआई (AQI) 283 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खराब श्रेणी में आता है। पूरे देश की बात करें तो 300 AQI के साथ राजस्थान का श्रीगंगानगर देश में पहले पायदान पर रहा।
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मेरठ का तापमान: प्रदूषण के साथ-साथ मेरठ में बुधवार को दिन का तापमान 43.2 डिग्री और रात का तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से क्रमशः 3.9 और 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
मौसम विभाग की सलाह: 100 किमी/घंटे की रफ्तार वाले इस तूफान को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-बारिश के दौरान पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं के चलते पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा है, इसलिए यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।
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