
रहस्य और रोमांच से भरे तिब्बत के आसमान में कुदरत का एक ऐसा अनोखा और अविश्वसनीय चमत्कार देखने को मिला है, जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और आम लोगों को हैरान कर दिया है। तिब्बत के जीजांग क्षेत्र के ऊपरी वायुमंडल को अचानक एक जादुई रोशनी ने पूरी तरह रोशन कर दिया, जिसका एक बेहद शानदार वीडियो इस समय सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। इस अद्भुत आकाशीय घटना को चीन के सुप्रसिद्ध एस्ट्रोफोटोग्राफर डोंग शुचांग ने अपने कैमरे में बेहद बारीकी से कैद किया है। 26 मई, 2026 की तड़के रिकॉर्ड किया गया यह अद्भुत वीडियो धरती की सबसे दुर्लभ और रहस्यमयी वायुमंडलीय घटनाओं में से एक का साक्षात और सबसे विस्तृत दृश्य प्रमाण माना जा रहा है, जिसे देखकर हर कोई पूरी तरह मंत्रमुग्ध है।
समुद्र तल से 5,000 मीटर ऊपर कैमरे में कैद हुआ अवास्तविक नजारा, नहीं है कोई एआई का कमाल
इस दुर्लभ आकाशीय नजारे को कैमरे में कैद करने वाले डोंग शुचांग ने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसके पीछे का एक बेहद रोमांचक अनुभव भी बताया। डोंग ने अपने कैप्शन में लिखा कि 26 मई, 2026 की अलसुबह उन्होंने शन्नान जीजांग में स्थित खूबसूरत पुमा युमको झील के किनारे, समुद्र तल से 5,000 मीटर से भी अधिक की अत्यधिक ऊंचाई पर इस शानदार ‘लाल स्प्राइट बिजली’ (Red Sprite Lightning) के महा-विस्फोट को अपने लेंस में उतारा। उन्होंने दुनिया के सामने यह पूरी तरह साफ किया कि यह पूरी तरह वास्तविक है और इसमें किसी भी तरह के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या फिर किसी स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह नजारा इतना जादुई और सम्मोहक है कि पहली नजर में यह किसी हॉलीवुड फिल्म के काल्पनिक दृश्य की तरह बिल्कुल अवास्तविक यानी काल्पनिक लगता है। फोटोग्राफर के मुताबिक, पिछले चार सालों की उनकी कड़ी मेहनत के करियर में यह अब तक की सबसे साफ, सबसे बड़ी और सबसे ऐतिहासिक स्प्राइट लाइटनिंग है।
आखिर क्या होती है यह आसमानी बला? जानिए विज्ञान की नजर में क्यों खास है यह रोशनी
विज्ञान और खगोलशास्त्र की दुनिया में इस बेहद खूबसूरत और चमकती हुई लाल रोशनी को ‘ट्रांजिएंट ल्यूमिनस इवेंट’ (Transient Luminous Event – TLE) का एक अत्यंत दुर्लभ रूप माना जाता है। साधारण शब्दों में कहें तो जब धरती पर निचले वायुमंडल में कोई बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी बिजली का तूफान आता है, तो उसके काफी ऊपर यानी ऊपरी वायुमंडल (मेसोस्फीयर) में रोशनी की ये तेज लाल चमक पैदा होती है। चूंकि ये घटनाएं जमीन से कई किलोमीटर ऊपर बादलों के पार ओझल क्षेत्र में होती हैं, इसलिए इन्हें आम तौर पर मैदानी इलाकों या जमीन से खुली आंखों से देख पाना या कैमरे में रिकॉर्ड कर पाना लगभग असंभव माना जाता है। यही वजह है कि खगोल वैज्ञानिक इस फुटेज को अंतरिक्ष विज्ञान के लिहाज से एक बहुत बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
भयंकर तूफान के बीच ‘रेड स्प्राइट्स’ के साथ पहली बार दिखा दुर्लभ ‘ग्रीन घोस्ट’ का साया
इस खगोलीय घटना को एक महा-विस्फोट की संज्ञा देते हुए डोंग शुचांग ने एक और सबसे बड़ा खुलासा किया जिसने विज्ञान जगत में हलचल मचा दी है। उन्होंने बताया कि वह इस भीषण और तेज तूफान के दौरान न केवल लाल रंग की स्प्राइट्स बल्कि उसके ठीक बाद बनने वाली हरे रंग की चमक वाले अत्यंत दुर्लभ ‘घोस्ट स्प्राइट्स’ (Green Ghost Sprites) की अद्भुत तस्वीरों को भी अपने कैमरे में सुरक्षित करने में पूरी तरह कामयाब रहे। तूफान के दौरान रिकॉर्ड किए गए इस लाइव फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे घने काले बादलों के ठीक ऊपर एक के बाद एक कई विशालकाय और चमकीली लाल लहरें आसमान की तरफ फूट रही हैं और उनके पीछे हल्के हरे रंग की अदृश्य जैसी रोशनी का साया भी तैर रहा है। इस अनोखे तालमेल ने पूरी दुनिया के स्काई-वाचर्स और वैज्ञानिकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है।
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