
पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों सिर्फ एक ही नाम की गूंज है निशांत कुमार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने राजनीति के अखाड़े में कदम रखते ही अपनी सादगी और रणनीतिक सोच से सबको चौंका दिया है। सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर थी कि निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने इस ‘पावरफुल’ कुर्सी को छोड़कर स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालना पसंद किया। शपथ ग्रहण के बाद निशांत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ अपने रिश्तों और भविष्य के रोडमैप पर खुलकर बात की।
तेजस्वी की राह पर निशांत? स्वास्थ्य विभाग संभालने की पीछे की रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि जब लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव पहली बार सरकार का हिस्सा बने थे, तब उन्हें भी स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अब निशांत कुमार भी उसी राह पर हैं। पत्रकारों से बातचीत में निशांत ने कहा कि वह पद से ज्यादा काम करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने साफ किया कि बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करना उनकी पहली प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी मेरे बड़े भाई जैसे: निशांत कुमार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ अपनी ‘केमिस्ट्री’ पर बात करते हुए निशांत ने कहा, “मैं सम्राट चौधरी जी को साल 2005 से जानता हूँ। मैंने उन्हें हमेशा एक बड़े भाई के रूप में देखा है। उनके नेतृत्व में सरकार बनी है और मुझे अपने पिता (नीतीश कुमार) और उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। सम्राट भाई के साथ मेरी पुरानी पहचान है, इसलिए सरकार चलाने और काम करने में कोई तालमेल की कमी नहीं होगी।”
पिता का अधूरा काम और ‘सात निश्चय-3’ का लक्ष्य
निशांत कुमार ने अपने फ्यूचर प्लान साझा करते हुए कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के लिए जो नींव रखी है, उसे वह आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, “पिताजी से जो काम छूट गए या जिन्हें और बेहतर किया जा सकता है, उनके मार्गदर्शन में उन्हें पूरा करूँगा। सात निश्चय-3 के तहत रोजगार सृजन पर हमारा मुख्य फोकस है। बिहार सरकार ने युवाओं को नौकरी देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।”
1 करोड़ नौकरी और महिलाओं को 2 लाख की मदद
चुनाव के दौरान किए गए वादों को दोहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार 5 साल में 1 करोड़ नौकरी देने के वादे पर कायम है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा, “जिन महिलाओं ने 10 हजार रुपये की शुरुआती राशि लेकर सफल स्टार्टअप शुरू किए हैं, उन्हें अब सरकार 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी। जो महिलाएं इस योजना से छूट गई हैं, उन्हें भी जल्द ही राशि दी जाएगी।”
सद्भाव यात्रा और जदयू का विस्तार
कैबिनेट में शामिल होने के बावजूद निशांत ने स्पष्ट किया कि वह जनता के बीच जाना नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मेरी ‘सद्भाव यात्रा’ जारी रहेगी। इसकी शुरुआत पश्चिम चंपारण से हो चुकी है। कैबिनेट विस्तार के कारण मुझे पटना आना पड़ा, लेकिन मैं फिर से जनता के बीच निकलूंगा। मेरा लक्ष्य जदयू के विजन और पिताजी द्वारा किए गए विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।”
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