
टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे अनुभवी और स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को एक बार फिर चयनकर्ताओं की बेरुखी का सामना करना पड़ा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में शमी को शामिल करना तो दूर, सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग में उनके नाम पर चर्चा तक नहीं की गई। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) के इस फैसले और उनकी दलील पर पूर्व भारतीय ओपनर वसीम जाफर (Wasim Jaffer) का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने अगरकर को आड़े हाथ लेते हुए उनके बयान को पूरी तरह ‘बकवास’ और शमी के प्रति ‘अपमानजनक’ करार दिया है।
अजीत अगरकर की दलील पर क्यों भड़के जाफर?
अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान करते वक्त मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहम्मद शमी को न चुने जाने की अजीबोगरीब वजह बताई थी। अगरकर ने कहा था, “मुझे पता है कि उन्होंने इस साल डोमेस्टिक क्रिकेट खेला है, लेकिन इस वक्त मुझे जो रिपोर्ट और सूचना मिल रही है, उस हिसाब से वह अभी केवल टी20 क्रिकेट खेलने के लिए ही फिट और तैयार हैं। इसलिए चयन बैठक में उनके नाम पर कोई चर्चा नहीं हुई।”
यह दलील वसीम जाफर को बिल्कुल रास नहीं आई। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अजीत अगरकर की क्लास लगाते हुए कहा:
“ये बिल्कुल बकवास बात है। हम यहाँ मोहम्मद शमी के बारे में बात कर रहे हैं, किसी ऐरे-गेरे खिलाड़ी के बारे में नहीं। यह मोहम्मद शमी जैसी क्लास के खिलाड़ी के प्रति बेहद असम्मानजनक है। यह लड़का लगातार घरेलू क्रिकेट में परफॉर्म कर रहा है और आप कह रहे हैं कि वह सिर्फ टी20 के लिए फिट है? यह तो सिर्फ एक बहाना है। अगर आपने उन पर विचार नहीं किया था, तो आपको साफ कहना चाहिए था कि हमने उन्हें ड्रॉप या नजरअंदाज किया है। यह एक सही और ईमानदार बयान होता।”
‘रणजी में बंगाल को अकेले दम पर सेमीफाइनल में पहुंचाया’
जाफर ने शमी की मैच फिटनेस का हवाला देते हुए आगे कहा कि शमी ने हाल ही में लाल गेंद (रेड बॉल) क्रिकेट में अपनी लय और फिटनेस साबित की है। उन्होंने कहा, “वह अभी रणजी ट्रॉफी में अकेले अपने दम पर और अपनी धारदार गेंदबाजी की बदौलत बंगाल को सेमीफाइनल में पहुंचाकर आया है। ऐसे में यह कहना कि वह लंबे फॉर्मेट के लिए फिट नहीं हैं, समझ से परे है।”
‘क्या जसप्रीत बुमराह के साथ भी ऐसा ही सलूक कर पाते?’
अजीत अगरकर की चयन नीति पर सबसे तीखा प्रहार करते हुए वसीम जाफर ने टीम इंडिया के प्रीमियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का उदाहरण सामने रखा। जाफर ने सवाल दागते हुए पूछा:
“क्या हो अगर जसप्रीत बुमराह को चोट लग जाए और उसके बाद वह वापसी करें? क्या आप (अगरकर) बुमराह के साथ भी ऐसा ही सलूक कर पाते? क्या उनके नाम पर चर्चा भी न करते? मोहम्मद शमी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसी ब्रैकेट और स्तर के गेंदबाज हैं। आप दुनिया के किसी भी इंटरनेशनल बल्लेबाज से जाकर पूछिए, वे शमी को अपनी सूची में टॉप पर रखेंगे। उन्होंने भारत के लिए जो बेमिसाल सेवाएं दी हैं, यह उनके प्रति बिल्कुल असम्मानजनक व्यवहार है।”
शमी के लिए वापसी की राह होती जा रही कठिन
35 वर्षीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। उसके बाद से ही वह राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। टीम इंडिया में वापसी के लिए शमी ने घरेलू क्रिकेट का रुख किया और रणजी ट्रॉफी से लेकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक में शानदार प्रदर्शन कर अपनी धार और फिटनेस का सबूत दिया।
हालांकि, चयनकर्ताओं के इस लगातार उपेक्षित रवैये को देखकर क्रिकेट गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर अब समाप्ति की ओर है? उम्र के इस पड़ाव पर उनके लिए अब किसी भी फॉर्मेट में भारतीय जर्सी में वापसी करना एक बेहद कठिन चुनौती बनता जा रहा है।
girls globe