विकास के दावों की खुली पोल: प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला, सड़क न होने पर डंडी से पहुंचाया अस्पताल

विकास के दावों के बीच देवाल ब्लॉक का ऐरठा गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को लगातार भुगतना पड़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण ये है कि आज प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला को डंडी के सहारे पांच किमी पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया।

प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला को महिला को डंडी से पहुंचाया अस्पताल

मिली जानकारी के अनुसार गमती देवी निवासी ऐरठा गांव को रविवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। गांव तक सड़क न होने के कारण घर पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। ग्रामीण बिना देर किए महिला को डंडी में बैठकर दुर्गम रास्तों से कारण पांच किमी पैदल सफर तय कर नीचे लाए और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया।

2021 में स्वीकृत हुआ था सड़क मार्ग

मामले को लेकर ग्राम प्रधान प्रेम देवी ने बताया कि ऐरठा गांव के लिए साल 2021 में आठ किलोमीटर सड़क मार्ग स्वीकृत किया गया था। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क के अभाव में गांव के बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों को लगातार हो रही परेशान

ग्राम प्रधान ने कहा कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों को आज भी मरीजों को डंडी और कंधों के सहारे अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की आपत्ति के कारण लंबित है मार्ग: लोनिवि

वहीं लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि स्वीकृत पदमल्ला-कंजेरू-ऐरठा मोटर मार्ग की फाइल पदमल्ला क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों की आपत्ति के कारण लंबित है। आपत्तियों का समाधान होने के बाद ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।