
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का अनोखा खेल देखने को मिल रहा है। जहां मई के महीने में देश के अन्य हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं उत्तराखंड में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोगों को एक बार फिर कंबलों और गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ गई है। राजधानी देहरादून, मसूरी और नैनीताल समेत कुमाऊं व गढ़वाल के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और बने रहने के आसार हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी, मैदानों में सुहाना मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रोहित थपलियाल के मुताबिक, गुरुवार को राज्य के पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
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अगले कुछ दिन: मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 7 मई के बाद अगले तीन दिन मौसम शुष्क रह सकता है, लेकिन 11 मई से एक बार फिर मौसम बिगड़ने की संभावना है।
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तापमान का अंतर: बारिश के चलते मैदानी इलाकों में तापमान में 3 डिग्री और पर्वतीय क्षेत्रों में 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है।
मसूरी और नैनीताल में पर्यटकों को लगा ठंड का झटका
पहाड़ों की रानी मसूरी में बुधवार शाम को जमकर ओले गिरे और तेज हवाएं चलीं, जिससे माल रोड पर घूमने वाले पर्यटक भी कम नजर आए। नैनीताल में भी दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। अचानक बढ़ी इस ठंड ने पर्यटन सीजन के बीच सैलानियों को भी अपनी जैकेट और स्वेटर निकालने पर मजबूर कर दिया है। देहरादून में भी रात के समय पंखे बंद हो गए हैं और मौसम बिल्कुल खुशनुमा बना हुआ है।
कहां कितना रहा तापमान?
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पहाड़ों पर कड़ाके की ठंडक अभी भी बरकरार है:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| देहरादून | 31.7 | 16.2 |
| पंतनगर | 33.0 | 17.1 |
| मुक्तेश्वर | 18.5 | 7.1 |
| नई टिहरी | 21.4 | 7.6 |
| नैनीताल | 23.0 | 14.0 |
हल्द्वानी और पंतनगर में भी बादलों का डेरा
मैदानी क्षेत्र हल्द्वानी में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ देखा जा रहा है। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को पारा एक डिग्री और गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 7 मई तक पर्वतीय जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे खेती-किसानी और बागवानी पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों को सलाह दी है कि वे ऊंचे इलाकों में जाने से पहले मौसम के ताजा अपडेट्स जरूर लें, क्योंकि अचानक बर्फबारी और बारिश से रास्तों में फिसलन और ठंड बढ़ सकती है।
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