अर्बन कंपनी के शेयरों में सुनामी एक ही दिन में भारी गिरावट, घाटा 57 गुना बढ़कर ₹161 करोड़ के पार

बिजनेस डेस्क: होम सर्विसेज मार्केट की दिग्गज कंपनी अर्बन कंपनी (Urban Company) के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन ब्लैक मंडे साबित हुआ। चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर करीब 11 प्रतिशत तक टूटकर ₹124 के स्तर तक जा गिरा। बाजार में आई इस जबरदस्त बिकवाली की मुख्य वजह कंपनी के नेट लॉस (शुद्ध घाटे) में हुआ अप्रत्याशित इजाफा है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का घाटा साल-दर-साल आधार पर करीब 57 गुना बढ़ गया है, जिसने निवेशकों के भरोसे को तगड़ा झटका दिया है।

घाटा बढ़ने का गणित: ₹2.8 करोड़ से सीधे ₹161 करोड़ पर पहुंचा आंकड़ा

अर्बन कंपनी द्वारा जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी को ₹161.16 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह घाटा महज ₹2.84 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि दिसंबर तिमाही के ₹21.26 करोड़ के घाटे के मुकाबले यह करीब 8 गुना बढ़ गया है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू (राजस्व) में 43% की बढ़त देखी गई है, लेकिन बेतहाशा बढ़ते खर्चों ने मुनाफे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

क्यों गहराया घाटे का संकट? ‘InstaHelp’ बना बड़ी वजह

कंपनी के घाटे में इस भारी उछाल के पीछे ‘InstaHelp’ (10-मिनट हाउसकीपिंग सर्विस) वर्टिकल में किया गया आक्रामक निवेश बताया जा रहा है। सीईओ अभिराज सिंह भाल के अनुसार, कंपनी इस समय मार्केट लीडरशिप और सर्विस नेटवर्क के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ‘InstaHelp’ के जरिए कंपनी ने मार्च तिमाही में 27 लाख ऑर्डर्स तो पूरे किए, लेकिन हर ऑर्डर पर होने वाले भारी खर्च (Burn) ने बैलेंस शीट को बिगाड़ दिया। कंपनी का मानना है कि अगले कुछ तिमाहियों तक यह खर्च इसी तरह बना रह सकता है।

बाजार में हाहाकार: एक झटके में डूबी करोड़ों की दौलत

सोमवार को बाजार खुलते ही अर्बन कंपनी के शेयरों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। पिछले शुक्रवार को ₹139.67 पर बंद हुआ शेयर इंट्रा-डे में ₹124.40 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में भारी सेंध लगी है। ब्रोकरेज फर्मों ने भी स्टॉक पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां कुछ ने इसे ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है, वहीं कई विशेषज्ञों ने ‘InstaHelp’ की प्रॉफिटेबिलिटी पर अनिश्चितता के कारण निवेश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

पॉजिटिव साइड: रेवेन्यू और इंटरनेशनल बिजनेस में दम

नतीजों में एकमात्र राहत की बात कंपनी का बढ़ता राजस्व और अंतरराष्ट्रीय कारोबार है। अर्बन कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹426 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹298 करोड़ था। वहीं, दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी ने 84% की ग्रोथ दर्ज की है और वहां का कारोबार मुनाफे में आ गया है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वह वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक समेकित स्तर पर ‘ब्रेक-ईवन’ (मुनाफे की स्थिति) हासिल कर लेगी।