पटना: बिहार के पर्यटन क्षेत्र में अब केवल धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर ही नहीं होगी, बल्कि यह विभाग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने की तैयारी में है। नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने पदभार ग्रहण करते ही युवाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि बिहार पर्यटन विभाग अब हर साल 4 लाख नई नौकरियों और स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा। मंत्री के इस तेवर से साफ है कि विभाग अब ‘एक्शन मोड’ में है और आने वाले दिनों में बिहार के पर्यटन मानचित्र पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा: युवाओं के लिए खुलेंगे प्रगति के द्वार
मंत्री केदार गुप्ता ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि बिहार में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को एक सशक्त उद्योग के रूप में विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 लाख नौकरियों का लक्ष्य केवल सरकारी पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गाइड, होटल मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट, और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े स्वरोजगार के व्यापक अवसर शामिल होंगे। सरकार इसके लिए कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष जोर देगी ताकि स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
राजगीर, बोधगया के साथ-साथ अब ‘अनछुए’ पर्यटन स्थलों पर फोकस
बिहार में अब तक पर्यटन का केंद्र मुख्य रूप से राजगीर, बोधगया और नालंदा तक ही सीमित था, लेकिन केदार गुप्ता ने नई रणनीति का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में ऐसे कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल हैं जो अब तक उपेक्षित रहे हैं। विभाग इन स्थलों को चिन्हित कर वहां विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं जैसे- बेहतर सड़कें, ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था और सुरक्षा मुहैया कराएगा। इससे न केवल विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सुरक्षा पर विशेष जोर
पर्यटन मंत्री ने पदभार संभालते ही अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर चल रही परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि “सुरक्षित पर्यटन ही सफल पर्यटन है।” महिला पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाओं और गाइडों के व्यवहार को लेकर भी ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने की योजना है। केदार गुप्ता के इस विजन से उम्मीद जगी है कि बिहार अब देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा होगा और यहाँ के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।
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