आज का पंचांग, 3 जून 2026: ज्येष्ठ मास की तृतीया तिथि और अनुराधा नक्षत्र का मेल; यहाँ देखें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या नए बिजनेस की शुरुआत करने से पहले शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति देखना बेहद जरूरी माना जाता है। हिंदू पंचांग, जिसे हम वैदिक पंचांग भी कहते हैं, समय की एक ऐसी सटीक और वैज्ञानिक गणना है जो मुख्य रूप से पांच अंगों— तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण से मिलकर बनी है। इसी के जरिए हमें शुभ-अशुभ समय, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्र ग्रह की सही स्थिति का पता चलता है।

आज 3 जून 2026, दिन बुधवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आइए जानते हैं आज के दिन के सभी जरूरी ज्योतिषीय पहलू, नक्षत्र स्थिति और आपके शहर में राहुकाल का सही समय ताकि आपके सभी काम बिना किसी बाधा के पूरे हो सकें।

आज की तिथि, नक्षत्र और योग (Panchang Overview)

  • तिति (Tithi): ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि आज दोपहर 02:11 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। (कुछ गणनाओं के अनुसार यह तिथि सुबह 02:55 बजे तक भी विस्तारित है)।

  • नक्षत्र (Nakshatra): आज सुबह 07:21 बजे तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

  • योग (Yog): आज शाम 05:59 बजे तक बेहद शुभ माना जाने वाला ‘वरियान योग’ रहेगा।

  • चंद्रमा की स्थिति: आज के दिन चंद्रमा मकर राशि में गोचर (विराजमान) रहेंगे।

  • सूर्योदय और सूर्यास्त: आज सुबह सूर्योदय 06:03 बजे हुआ है और सूर्यास्त शाम 06:41 बजे होगा।

आज का शुभ मुहूर्त: कब करें नए काम की शुरुआत?

ज्योतिष शास्त्र में अभिजीत मुहूर्त को सबसे उत्तम और फलदायी समय माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

  • आज का अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से लेकर दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो इस समय का उपयोग कर सकते हैं।

आपके शहर में राहुकाल का समय (City-Wise Rahukaal Timings)

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल को बेहद अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान कोई भी नया काम, बड़ी खरीदारी या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। आज 3 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय नीचे दी गई तालिका के अनुसार रहेगा:

नोट: राहुकाल का समय अलग-अलग शहरों में अक्षांश और देशांतर के अंतर के कारण थोड़ा बदल जाता है, इसलिए अपने स्थानीय समय के अनुसार ही कार्यों की रूपरेखा बनाएं।