शेयर बाजार में आया भयंकर भूचाल! सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,200 के नीचे फिसला

भारतीय शेयर बाजार से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आज घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते हाहाकार मच गया है। सप्ताह के कारोबारी दिन बाजार खुलते ही बिकवाली का जो दौर शुरू हुआ, उसने देखते ही देखते दलाल स्ट्रीट को लाल निशान में डुबो दिया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंकों से भी ज्यादा टूटकर धराशायी हो गया है। वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है और यह 23,200 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे फिसल गया है। बाजार में आई इस अचानक सुनामी से निवेशकों के लाखों-करोड़ों रुपये मिनटों में स्वाहा हो गए हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी हुए पूरी तरह से लहूलुहान

बाजार में मची इस तबाही का असर सिर्फ बड़े शेयर्स (लार्जकैप) तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट की भी बुरी तरह से पिटाई हुई है। पिछले कुछ समय से लगातार शानदार रिटर्न दे रहे मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स आज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। चौतरफा बिकवाली के दबाव के कारण बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के चलते बाजार का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो पूरी तरह से बिगड़ गया, जिसका मतलब है कि बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या कई गुना ज्यादा रही। रीटेल इनवेस्टर्स जो हालिया तेजी को देखकर बाजार में उतरे थे, उन्हें इस भारी गिरावट से सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है।

आखिर क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार? ये हैं गिरावट के 4 मुख्य कारण

बाजार के जानकारों और ग्लोबल इकोनॉमिस्ट्स के मुताबिक, आज मार्केट में मचे इस हाहाकार के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। सबसे पहला बड़ा कारण अमेरिकी बाजार से आने वाले कमजोर संकेत और वहां ब्याज दरों में कटौती को लेकर बनी अनिश्चितता है। दूसरा कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उछाल है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हमेशा चिंता का विषय रहता है। तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार की जा रही भारी बिकवाली है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया। इसके अलावा, तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी और सेंसेक्स का अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ना भी इस पैनिक सेलिंग की बड़ी वजह बना।

इन सेक्टर्स में मची सबसे ज्यादा लूट, दिग्गज शेयर्स भी ढेर

आज की इस गिरावट में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और रियल्टी सेक्टर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। बैंकिंग इंडेक्स निफ्टी बैंक में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने पूरे मार्केट को नीचे खींचने का काम किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और टीसीएस जैसे हैवीवेट और दिग्गज शेयरों में आई बड़ी गिरावट ने आग में घी का काम किया। चौतरफा मंदी के इस माहौल में चुनिंदा डिफेंसिव सेक्टर्स जैसे एफएमसीजी और फार्मा को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल निशान में ही गोते लगाते नजर आए।

बाजार के इस संकट में अब आगे क्या करें निवेशक? एक्सपर्ट्स की राय

शेयर बाजार में आए इस अचानक क्रैश के बाद आम निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें अब क्या करना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की बड़ी गिरावट में घबराकर (Panic Selling) अपने शेयर्स को घाटे में नहीं बेचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक बेहतरीन मौका हो सकती है, जहां वे फंडामेंटली मजबूत और क्वालिटी शेयरों को निचले स्तरों पर धीरे-धीरे (SIP मोड में) अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती और निफ्टी दोबारा अपने मजबूत रेजिस्टेंस लेवल को पार नहीं करता, तब तक शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को भारी लेवरेज (उधार) लेकर ट्रेडिंग करने से पूरी तरह बचना चाहिए।