सस्ते होटलों में प्राइवेसी की तलाश कहीं पड़ न जाए भारी, हिडन कैमरे से लेकर ब्लैकमेलिंग तक का बिछा है जाल

आजकल हर छोटे-बड़े कस्बे और हाईवे के किनारे आपको ऐसे कई सस्ते होटल नजर आ जाएंगे जो कुछ घंटों के लिए कमरे देने का दावा करते हैं। जवां प्यार में डूबे कपल्स अक्सर प्राइवेसी और सुकून के कुछ पल बिताने के लिए इन होटलों का रुख करते हैं। भरी दोपहरी में मुंह पर स्कार्फ बांधे लड़कियां और हेलमेट लगाए लड़के अक्सर आपको इन होटलों की सीढ़ियां चढ़ते दिख जाएंगे। लेकिन चंद घंटों की ये खुशी कई बार जिंदगी भर का दर्द बन जाती है। प्रदीप और प्रतिभा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिसने हर उस कपल को सोचने पर मजबूर कर दिया है जो बिना सोचे-समझे किसी भी होटल में चेक-इन कर लेते हैं।

एक खुफिया कैमरे ने बदल दी जिंदगी

प्रदीप और प्रतिभा एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। दोस्ती प्यार में बदली और फिर दोनों ने एक-दूसरे के साथ वक्त बिताने का फैसला किया। किसी दोस्त की सलाह पर प्रदीप ने कस्बे के ही एक सस्ते होटल में कमरा बुक कर लिया। शुरुआत में प्रतिभा थोड़ा झिझकी, लेकिन प्यार के आगे उसकी एक न चली। दोनों ने उस होटल में 4 घंटे बिताए। यह सिलसिला चल निकला, लेकिन एक दिन उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसी होटल के एक वेटर ने प्रतिभा को एक ऐसी फोटो भेजी जिसमें वह प्रदीप के साथ बिना कपड़ों के बिस्तर पर थी। वेटर ने धमकी दी कि अगर प्रतिभा ने उसकी गंदी डिमांड पूरी नहीं की, तो वह यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। दरअसल, उस सस्ते होटल के कमरे में पहले से ही हिडन कैमरा लगा हुआ था और वहां आने वाले कपल्स के प्राइवेट पलों को रिकॉर्ड करके ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल खेला जा रहा था। होटलों में चल रहे इस तरह के सस्पेंस और क्राइम के मामले अब आम हो गए हैं। यूपी के कुशीनगर का मामला तो बस एक उदाहरण है, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों के आउटर या हाईवे पर बने होटलों में भी अक्सर ऐसी वारदातें सुनने को मिलती हैं, जहां प्राइवेसी के नाम पर कपल्स को ब्लैकमेलिंग के दलदल में धकेल दिया जाता है। कुशीनगर के नेशनल हाईवे 28 के पास होटलों में तो बाकायदा एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था, जहां पुलिस की रेड में कई ऐसे मासूम कपल्स भी फंस गए जिनका उस रैकेट से कोई लेना-देना नहीं था।

गंदगी, बदबू और बीमारियों का भी रहता है खतरा

छोटे और सस्ते होटलों में सिर्फ ब्लैकमेलिंग का ही डर नहीं होता, बल्कि साफ-सफाई भी एक बहुत बड़ा मुद्दा है। ऐसे होटलों में बस कमरे में ऊपर-ऊपर से झाड़ू लगा दी जाती है। बेड की चादरें कई-कई दिनों तक नहीं बदली जातीं, जिन पर अक्सर दाग-धब्बे नजर आ जाते हैं। बदबू और खटमल की समस्या तो आम है। बाथरूम की हाइजीन का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। पानी पीने वाले जग या गिलास को भी ठीक से नहीं धोया जाता, जिससे कई तरह के गंभीर इंफेक्शन का खतरा बना रहता है।

पुलिस रेड और अनमैरिड कपल्स के कानूनी अधिकार

होटल में रुकने वाले कपल्स को अक्सर पुलिस या किसी जान-पहचान वाले के आ जाने का डर सताता रहता है। लेकिन आपको बता दें कि अगर आप बालिग हैं और आपकी उम्र 18 साल या उससे अधिक है, तो कोई भी पुलिस वाला आपको सिर्फ इसलिए परेशान नहीं कर सकता क्योंकि आप अनमैरिड हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को निजता (Privacy) और सुरक्षा का अधिकार देता है। अगर आपके पास अपना वैलिड ओरिजिनल आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) है, तो आप अपनी मर्जी से किसी भी होटल में साथ रुक सकते हैं। कानूनन आपको ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता।

होटल बुक करते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान

पैसे देने से पहले कमरे की अच्छी तरह से तलाशी लें। अगर कमरे में शीशे के पीछे, पंखे, टीवी सेट-टॉप बॉक्स या स्मोक डिटेक्टर में हिडन कैमरा होने का जरा भी शक हो, तो वह कमरा बिल्कुल न लें।

होटल के स्टाफ के बर्ताव पर गौर करें। अगर रिसेप्शनिस्ट आपको कोई खास कमरा ही लेने की जिद कर रहा है, तो सतर्क हो जाएं।

अपने फोन का वाई-फाई ऑन करके नेटवर्क चेक करें। अगर वहां छिपे हुए डिवाइस या अजीबोगरीब नाम के वाई-फाई सिग्नल दिखें, तो यह हिडन कैमरे का संकेत हो सकता है।

होटल की रेपुटेशन और उसके पुराने रिव्यू इंटरनेट पर जरूर पढ़ लें।

चेकआउट करते समय होटल से पक्का बिल जरूर मांगें। इससे होटल प्रबंधन पर एक कानूनी दबाव बना रहता है।

अगर आपके साथ कुछ भी गलत होता है या कोई ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, तो डरें नहीं। तुरंत पुलिस और अपने किसी करीबी को इसकी सूचना दें। डरने से अपराधी के हौसले और ज्यादा बुलंद होते हैं।