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Royal Enfield के किले में सेंध लगाने उतरी Honda: अपनी 350cc लाइनअप को नए अवतार में किया अपडेट, धांसू फीचर्स और दमदार माइलेज के साथ क्लासिक सेगमेंट में मचा घमासान

भारतीय टू-व्हीलर बाजार के मिडिल-वेट रेट्रो-क्लासिक सेगमेंट में बादशाहत की जंग अब अपने सबसे दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी बेहद लोकप्रिय 350cc मोटरसाइकिल लाइनअप को बिल्कुल नए अवतार और एडवांस अपग्रेड्स के साथ बाजार में उतार दिया है। लंबे समय से इस सेगमेंट पर एकछत्र राज कर रही रॉयल एनफील्ड को सीधी चुनौती देने के लिए जापानी टू-व्हीलर दिग्गज ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। होंडा की H’ness CB350, CB350RS और क्लासिक प्रोफाइल वाली CB350 को न केवल नए तकनीकी मानकों से लैस किया गया है, बल्कि राइडर्स की रोजमर्रा की जरूरतों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स भी जोड़े गए हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि इस अपडेट के बाद रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350, बुलेट 350 और हंटर 350 के लिए बाजार में मुकाबला पहले से कहीं अधिक कड़ा होने वाला है।

होंडा ने अपनी 350cc सीरीज में सबसे बड़ा बदलाव इंजन ट्यूनिंग और कंप्लायंस के स्तर पर किया है। नए मॉडल्स को सख्त ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स यानी OBD-2B मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया गया है, जो रियल-टाइम एमिशन पर नजर रखता है। इसके साथ ही यह पूरी रेंज अब 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल यानी E20 फ्यूल पर चलने के लिए पूरी तरह अनुकूल है। इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान में कमी आएगी और इंजन की फ्यूल एफिशिएंसी भी बेहतर बनी रहेगी। कंपनी ने इन बाइक्स के प्रीमियम वेरिएंट्स में होंडा स्मार्टफोन वॉयस कंट्रोल सिस्टम को और भी ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बना दिया है। राइडर्स अब ब्लूटूथ के जरिए अपने स्मार्टफोन को इंस्ट्रूमेंट कंसोल से कनेक्ट कर नेविगेशन, इनकमिंग कॉल्स, मैसेज अलर्ट्स और म्यूजिक प्लेबैक को बिना हैंडल से हाथ हटाए नियंत्रित कर सकते हैं।

इसके अलावा, डिजाइन के मोर्चे पर भी होंडा ने युवा खरीदारों की नब्ज पकड़ने की कोशिश की है। रेट्रो लुक को और गहरा बनाने के लिए नई कलर स्कीम्स पेश की गई हैं, जिनमें मैट फिनिश के साथ-साथ ग्लॉसी मेटैलिक और डुअल-टोन विकल्प शामिल हैं। टैंक पर लगे 3D होंडा विंग लोगो और क्रोम फिनिशिंग को और भी प्रीमियम टच दिया गया है, जिससे यह सड़क पर निकलते ही अलग से ध्यान खींचती हैं।

मैकेनिकल तौर पर होंडा ने अपनी भरोसेमंद पावरट्रेन पर भरोसा कायम रखा है, लेकिन इसके थ्रॉटल रिस्पॉन्स को पहले से अधिक स्मूथ बनाया गया है। इन बाइक्स में 348.36cc का सिंगल-सिलेंडर, 4-स्ट्रोक, एयर-कूल्ड, फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन दिया गया है। यह पावरट्रेन 5,500 आरपीएम पर लगभग 20.78 बीएचपी की अधिकतम पावर और मात्र 3,000 आरपीएम पर 30 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जनरेट करता है। कम आरपीएम पर मिलने वाला यह 30 एनएम का टॉर्क शहर के भारी ट्रैफिक में बार-बार गियर बदलने के झंझट से मुक्ति दिलाता है, वहीं हाईवे पर क्रूज़िंग के दौरान बाइक को बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार बनाए रखने में मदद करता है।

इस इंजन के साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स को जोड़ा गया है, जो असिस्ट और स्लिपर क्लच टेक्नोलॉजी से लैस है। यह फीचर न केवल गियर शिफ्टिंग को मक्खन जैसा स्मूथ बनाता है, बल्कि तेज रफ्तार में अचानक गियर डाउन करने पर पिछले पहिये को लॉक होने या फिसलने से भी रोकता है। क्लच लीवर बेहद हल्का महसूस होता है, जो शहरों में बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक के दौरान राइडर की कलाई पर बिल्कुल भी दबाव नहीं बनने देता।

रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 और हंटर 350 की तुलना में होंडा की 350cc रेंज हमेशा से अपनी आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती रही है। होंडा ने अपनी बाइक्स में सेलेक्टेबल टॉर्क कंट्रोल यानी ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम दिया है, जो इस सेगमेंट की अधिकांश बाइक्स में देखने को नहीं मिलता। यह सिस्टम बारिश, गीली सड़कों या रेतीली सतहों पर रियर व्हील के स्लिप होने की स्थिति में तुरंत पावर डिलीवरी को नियंत्रित कर राइडर को गिरने से बचाता है। इसके साथ ही दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक और डुअल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम स्टैंडर्ड तौर पर मिलते हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में सटीक और सुरक्षित ब्रेकिंग सुनिश्चित करते हैं।

सस्पेंशन ड्यूटी के लिए आगे की तरफ 41 मिमी के टेलीस्कोपिक फोर्क्स और पीछे की तरफ ट्विन हाइड्रोलिक शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। चेसिस का संतुलन और वजन का वितरण इस तरह से किया गया है कि करीब 180 किलोग्राम से अधिक वजन होने के बावजूद बाइक मुड़ते समय और ट्रैफिक में काटते वक्त बेहद हल्की महसूस होती है। एलईडी हेडलैंप, एलईडी टेललाइट और एलईडी विंकर्स इसके मॉडर्न-रेट्रो कैरेक्टर को पूरी तरह जस्टिफाई करते हैं।

भारतीय बाजार में रॉयल एनफील्ड के वर्चस्व का सबसे बड़ा कारण उसका पारंपरिक रुतबा, सिग्नेचर एग्जॉस्ट साउंड और देश के कोने-कोने में मौजूद सर्विस नेटवर्क रहा है। होंडा इस अंतर को पाटने के लिए अपने प्रीमियम ‘बिगविंग’ डीलरशिप नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी बिगविंग आउटलेट्स खोले जा रहे हैं ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के ग्राहकों को भी सर्विसिंग और स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध सुविधा मिल सके।

होंडा की 350cc बाइक्स उन राइडर्स को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही हैं जो क्लासिक रेट्रो लुक तो चाहते हैं, लेकिन इंजन में आने वाले भारी वाइब्रेशन से बचना चाहते हैं। होंडा का इंजन अपने साइलेंट कैरेक्टर और वाइब्रेशन-फ्री क्रूज़िंग के लिए जाना जाता है, जिससे लंबी दूरी के सफर में राइडर को थकान का अहसास नहीं होता। अब नए अपग्रेड्स और कस्टमाइजेशन किट्स के साथ होंडा ने यह साफ कर दिया है कि वह रेट्रो सेगमेंट में सिर्फ एक विकल्प बनकर नहीं रहना चाहती, बल्कि लीडरशिप की रेस में सबसे आगे निकलना चाहती है।