लालकिला ब्लास्ट की मास्टरमाइंड डॉ. शाहीन का सनसनीखेज खुलासा: लखनऊ के विधानभवन समेत इन जगहों की हुई थी रेकी

राजधानी लखनऊ को दहलाने और उत्तर प्रदेश में आतंक का नेटवर्क फैलाने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली के लालकिला विस्फोट कांड की मुख्य सूत्रधार डॉ. शाहीन और उसके साथी मुजम्मिल ने लखनऊ को अपना गुप्त ठिकाना बनाकर यहां सिलसिलेवार धमाके करने का पूरा खाका तैयार कर लिया था। जांच एजेंसियों की कड़ी पूछताछ में यह सनसनीखेज राजफाश हुआ है कि दोनों आतंकी पिछले साल 25 से 30 अगस्त के बीच लखनऊ के खंदारी बाजार (लालबाग) और आईआईएम रोड पर स्थित डॉ. परवेज के मकान में ठहरे थे। इस दौरान वे शहर की अविकसित कॉलोनियों में विस्फोटक बनाने के लिए एक सुरक्षित और मुफीद जगह की तलाश कर रहे थे।

यूपी विधानसभा और सचिवालय समेत भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर

एजेंसियों की तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह इन आतंकियों के निशाने पर रहे वीवीआईपी और भीड़भाड़ वाले इलाके थे। डॉ. शाहीन और मुजम्मिल ने लखनऊ में अपने मुख्य मददगार डॉ. परवेज और अन्य स्थानीय गुर्गों के साथ मिलकर शहर के सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थलों की बकायदा रेकी की थी। आतंकियों के निशाने पर उत्तर प्रदेश का विधानभवन (विधानसभा), बापू भवन (सचिवालय), ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद जैसे बेहद व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके थे। इन जगहों पर रेकी पूरी करने के बाद ही सिलसिलेवार धमाकों (Serial Blasts) की अंतिम साजिश रची गई थी।

घातक विस्फोटक ‘TATP’ बनाने के लिए की जा रही थी दुकानों की तलाश

दिल्ली विस्फोट कांड (10/11) के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने डॉ. शाहीन को अपनी गिरफ्त में लिया, तो पूछताछ में उत्तर प्रदेश से जुड़े कड़ियों के राज खुलते चले गए। शाहीन का सगा भाई डॉ. परवेज ही लखनऊ में इस पूरे आतंकी नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था, जो यहां स्लीपर सेल और मददगारों की फौज तैयार कर रहा था। परवेज ने अपने करीबियों की मदद से बेहद घातक और संवेदनशील केमिकल विस्फोटक ‘ट्राइएसीटोन ट्राइ परॉक्साइड’ (TATP) बनाने के लिए जरूरी सामान और दुकानों की तलाश भी शुरू करवा दी थी। जैसे ही यह कड़ियां जुड़ीं, खुफिया एजेंसियों ने लखनऊ के खंदारी बाजार और आईआईएम रोड पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

अलकायदा के मॉड्यूल ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ से जुड़े हैं तार

सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह साफ हो गया है कि डॉ. शाहीन और उसका भाई डॉ. परवेज वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (AQIS) के खतरनाक आतंकी मॉड्यूल ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस इनपुट के मिलते ही एजेंसियों ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी (जहां डॉ. परवेज असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात था) और एरा हॉस्पिटल समेत कई संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान यूनिवर्सिटी में परवेज के केबिन और अलमारी से कई बेहद आपत्तिजनक और अहम दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा, उसके घर से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और एक कार भी बरामद की गई। शाहीन के पिता शाहिद सईद अंसारी से भी घंटों पूछताछ की गई है।

पश्चिमी यूपी से लेकर कानपुर-उन्नाव तक फैला है आतंकियों का यह जाल

यूपी एटीएस (ATS) और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में यह बात भी पुख्ता हुई है कि आतंकियों का यह खतरनाक नेटवर्क सिर्फ दिल्ली या लखनऊ तक ही सीमित नहीं है। इस मॉड्यूल की जड़ें उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में बेहद गहराई तक फैली हुई हैं। कानपुर, फतेहपुर, बिंदकी, जहानाबाद से लेकर कानपुर देहात, उन्नाव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील जनपदों में इस गिरोह का नेटवर्क सक्रिय है। एटीएस ने इन सभी इनपुट्स और इन कड़ियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।