Dehradun Zoo में दिखेगा दुर्लभ हिमालयन काला भालू, दो साल पहले किया गया था रेस्क्यू

Himalayan Black Bear at Dehradun Zoo: अब देहरादून चिड़ियाघर में एख नया आकर्षण जुड़ गया है। काफी लंबे इंतजार के बाद फाइली देहरादून जू में पर्यटकों को दुर्लभ हिमालयन काले भालू के दीदार होंगे। देहरादून चिड़ियाघर में पहले से ही टाइगर और लेपर्ड जैसे शिकारी जानवर मौजूद है। ऐसे में अब लोगों को भालू के भी दीदार होंगे। बताते चलें कि पहले ही जू में ये भालू मौजूद था। हालांकि अब केंद्रीय जू अथॉरिटी की तरफ से जरूरी अनुमति मिलने के बाद इसे पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े में रखा जा चुका है।

देहरादून चिड़ियाघर में दिखेगा दुर्लभ हिमालयन काला भालू Himalayan Black Bear at Dehradun Zoo

दरअसल वन मंत्री सुबोध उनियाल ने हिमालयन काला भालू (Himalayan Black Bear) के लिए तैयार किए गए विशेष बाड़े का उद्घाटन किया। जिसके बाद इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया।

वन मंत्री ने किया भालू के बाड़े का किया उद्घाटन

9 मार्च 2026 को केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से हिमालयी काले भालू के दीदार के लिए अनुमति मिली। जिसके बाद इसे ऑफिशियली शुरू किया गया। सभी ऑपचारिकता को पूरा करने के बाद अब देहरादून में ही इस दुर्लभ वन्यजीव के दर्शन हो पाएंगे। हिमालयी काले भालू के लिए बनाया गया ये बाड़ा जू के करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सफारी जोन के अंदर बनाया गया है।

दो साल पहले भालू को किया गया था रेस्क्यू

बाड़े में अभी एक नर हिमालयी काला भालू रखा गया है। दरअसल इस भालू को साल 2024 में चकराता वन प्रभाग की कानासर रेंज के त्यूणी से रेस्क्यू किया गया था। उस समय भालू की उम्र एख साल थी। अपनी मां से ये बिछड़ गया था। जिसके बाद रिहायशी इलाके में ये आ गया था।

मां से बिछड़कर आया रिहायशी इलाके में

मां से बिछड़ा देख गांव वालों ने इसकी देखभाल की। बाद में सूचना वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। 29 अप्रैल 2025 इस भालू की रेस्क्यू प्रक्रिया पूरी की गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड की अनुमति के बाद 1 मई 2025 को इसे दून के जू में लाया गया। एक साल से भालू चिड़ियाघर में ही रह रहा है।

बीते साल बाघ पर्यटकों के लिए खोला गया

इसकी उम्र अब दो हो गई है। लोग इसे बल्लू बुला रहे हैं। भालू से पहले देहरादून जू में पिछले साल बाघ को पर्यटकों के लिए खोला गया था। जो कि पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना था।