PBKS vs SRH: हार से ज्यादा ‘कैच ड्रॉप’ ने किया पंजाब को शर्मसार,आंकड़ों में दिल्ली कैपिटल्स की हालतखराब

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में बुधवार, 6 मई को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को 33 रनों से पटखनी दे दी। लेकिन इस हार के बाद पंजाब की टीम खेल से ज्यादा अपनी खराब फील्डिंग के कारण चर्चा में है। कूपर कोनोली और शशांक सिंह जैसे खिलाड़ियों द्वारा छोड़े गए कैचों ने पंजाब की हार की पटकथा लिख दी। हालांकि, आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब अकेली ऐसी टीम नहीं है जो मैदान पर ‘मक्खन वाले हाथ’ (Butter Fingers) लेकर उतरी है।

ईशान और क्लासेन को मिला जीवनदान, पंजाब को भुगतना पड़ा अंजाम

मैच के दौरान हैदराबाद के स्टार बल्लेबाजों को मिले जीवनदानों ने मैच का रुख बदल दिया। ईशान किशन, जिन्होंने 32 गेंदों में 55 रन बनाए, उन्हें एक-दो नहीं बल्कि तीन बार जीवनदान मिला।

  • ईशान किशन: 9, 18 और 20 रन के स्कोर पर उनके कैच छोड़े गए। कोनोली ने दो और लॉकी फर्ग्यूसन ने एक कैच ड्रॉप किया।

  • हेनरिक क्लासेन: शशांक सिंह ने क्लासेन का कैच तब छोड़ा जब वे मात्र 13 रन पर थे। क्लासेन ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 69 रनों की तूफानी पारी खेली।

    मैच के बाद कोच और कप्तान शिखर धवन (या मौजूदा कप्तान) ने साफ तौर पर नाराजगी जाहिर की है कि बड़े खिलाड़ियों के कैच छोड़ना आपको टूर्नामेंट से बाहर कर सकता है।

कैच एफिशिएंसी: पंजाब बदनाम, पर दिल्ली सबसे पीछे

भले ही पंजाब किंग्स की आलोचना हो रही हो, लेकिन आईपीएल 2026 में सबसे खराब कैचिंग रिकॉर्ड दिल्ली कैपिटल्स का है। दिल्ली के फील्डर्स ने अब तक 17 कैच छोड़े हैं और उनका एफिशिएंसी रेट मात्र 64.5% है। वहीं पंजाब किंग्स 73.6% के साथ नौवें स्थान पर है।

टीम कैच पकड़े कैच छोड़े एफिशिएंसी रेट (%)
KKR 47 6 88.6
RR 48 7 87.2
RCB 48 8 85.7
LSG 40 8 83.3
GT 61 14 81.3
MI 35 10 77.7
CSK 49 15 76.5
SRH 57 18 76.0
PBKS 42 15 73.6
DC 31 17 64.5

केकेआर और राजस्थान बने ‘फील्डिंग के राजा’

इस सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) फील्डिंग के मामले में सबसे सटीक रही है। केकेआर ने 88.6% के शानदार रेट के साथ लिस्ट में टॉप किया है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स (RR) है, जिसने 87.2% कैच पकड़े हैं। दिलचस्प बात यह है कि पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे चल रही लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) भी फील्डिंग के मामले में चौथे स्थान पर है, जो उनकी तकनीकी मजबूती को दर्शाता है।

ग्राउंड पर दबाव या तकनीक की कमी?

पंजाब किंग्स के लिए शशांक सिंह का हेनरिक क्लासेन का कैच छोड़ना इस सीजन का उनका पांचवां व्यक्तिगत ड्रॉप था। विशेषज्ञों का मानना है कि टी-20 के इस हाई-वोल्टेज फॉर्मेट में 220+ का पीछा करते हुए या डिफेंड करते हुए दबाव में फील्डर्स अपनी तकनीक भूल रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की जीत के बाद यह साफ है कि “Catches win matches” का मुहावरा आज भी उतना ही सच है जितना पहले था।