
ओडिशा (Odisha) में विवाहेतर संबंध (Extra-Marital Affair) से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला हत्याकांड सामने आया है। जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने महीनों तक चली गहन और तकनीकी तफ्तीश के बाद इस खौफनाक ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रमोद कुमार मल्लिक के अनुसार, यह पूरा मामला 35 वर्षीय बिरेंद्र बेहरा (Birendra Behera) के अचानक लापता होने के बाद दर्ज हुई गुमशुदगी से शुरू हुआ था। बिरेंद्र बीते 25 मई को अपने सबसे करीबी दोस्त और मुख्य आरोपी बिरेन मढ़ेई (Biren Madhei) के साथ डंपर चालक (Dumper Driver) के रूप में काम करने के लिए पड़ोसी जिले मयूरभंज गए थे, जिसके बाद वे कभी रहस्यमयी ढंग से घर वापस नहीं लौटे।
दोस्ती, शक और मर्डर: पत्नी से कथित अफेयर का प्रतिशोध
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पति के अचानक गायब होने से चिंतित और डरी हुई उनकी पत्नी साबित्री बेहरा ने 27 मई को बेरहामपुर पुलिस थाने में बिरेंद्र की गुमशुदगी की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद जब स्थानीय पुलिस ने कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो परतों के पीछे छिपा एक गहरा त्रिकोणीय प्रेम जाल और आपसी दुश्मनी का सच बाहर आया।
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पार्टनरशिप और विवाद: जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक बिरेंद्र बेहरा और आरोपी बिरेन मढ़ेई कभी बेहद गहरे दोस्त हुआ करते थे। लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच गंभीर विवाद चल रहा था।
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हत्या की मुख्य वजह: स्थानीय स्तर पर हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक बिरेंद्र बेहरा के आरोपी बिरेन मढ़ेई की पत्नी के साथ कथित तौर पर अवैध प्रेम संबंध बन गए थे। जब बिरेन को अपनी पत्नी और दोस्त के इस अफेयर की भनक लगी, तो उनके रिश्तों में गहरी कड़वाहट और प्रतिशोध की आग सुलगने लगी।
पंचायत में लगा था ₹50,000 का जुर्माना, पर दिल में बची रही रंजिश
यह संवेदनशील सामाजिक विवाद कुछ महीने पहले गांव की स्थानीय जाति समिति और पंचायत के सामने भी पहुंचा था। उस दौरान समाज की बदनामी से बचने के लिए स्थानीय बुजुर्गों और सरपंच ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर समझौता कराने की बकायदा कोशिश की थी।
विवाद को शांत करने और मामले को रफा-दफा करने के लिए पंचायत द्वारा दोषी पक्ष पर 50 हजार रुपये का नकद जुर्माना भी लगाया गया था। जुर्माना भरने के बाद ऊपरी तौर पर तो मामला शांत दिख रहा था, लेकिन आरोपी बिरेन मढ़ेई के दिल में अपने अपमान और विश्वासघात का बदला लेने की खूनी साजिश लगातार चल रही थी।
दोस्त को काम के बहाने जंगल ले गया, हत्या कर दफनाया शव
२५ मई की सुबह आरोपी बिरेन मढ़ेई सुनियोजित साजिश के तहत बिरेंद्र बेहरा को मयूरभंज जिले में डंपर चलाने के एक नए प्रोजेक्ट का झांसा देकर अपने साथ ले गया। एएसपी प्रमोद कुमार मल्लिक ने बताया कि वहां पहुंचने के बाद सुनसान जंगल वाले इलाके में आरोपी ने कुल्हाड़ी या भारी हथियार से बिरेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
सबूत मिटाने की साजिश: हत्या को पूरी तरह छिपाने के लिए आरोपी ने जंगल के भीतर एक बेहद गुप्त स्थान पर गहरा गड्ढा खोदा और बिरेंद्र के शव को नमक व मिट्टी डालकर दफना दिया। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी ओडिशा छोड़कर भाग गया और अपनी पहचान छिपाकर मुंबई (महाराष्ट्र) में फरारी काटने लगा।
मुंबई से गिरफ्तारी और ससुराल के पास मिले कंकाल के अवशेष
ओडिशा पुलिस की साइबर और सर्विलांस सेल ने आरोपी के मोबाइल टावर लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शंस को ट्रैक करते हुए आखिरकार उसे मुंबई के एक गुप्त ठिकाने से दबोच लिया। बेरहामपुर लाए जाने के बाद हुई कड़क रिमांड और पूछताछ के दौरान आरोपी बिरेन मढ़ेई टूट गया और कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी की लाइव निशानदेही और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में पुलिस टीम मयूरभंज के उस चिन्हित इलाके में पहुंची, जो आरोपी के ससुराल के बिल्कुल नजदीक स्थित था। वहां खुदाई करने के बाद पुलिस ने शव के अवशेष (हड्डियां और कंकाल) सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि बरामद कंकाल को डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग और फॉरेंसिक लैबोरेटरी जांच के लिए भेज दिया गया है। हत्या से पहले और बाद की कड़ियों को पूरी तरह कानूनी तौर पर पुख्ता करने के लिए और पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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