
आज के दौर में चाहे नई नौकरी ढूंढनी हो या फिर करियर में बदलाव करना हो, हमारी सबसे पहली निर्भरता इंटरनेट और ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स पर होती है। यहां तक कि देश-दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने भी अपना पूरा हायरिंग प्रोसेस डिजिटल टेक्नोलॉजी पर शिफ्ट कर दिया है। यह व्यवस्था जितनी आसान और सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है। इसी तकनीक की आड़ लेकर साइबर अपराधी अब सीधे बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों और उनकी जेब पर डाका डाल रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर के नोएडा से एक ऐसा ही हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहां प्रतिष्ठित कंपनी अमेजॉन (Amazon) में जॉब दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ न सिर्फ जालसाजी की गई, बल्कि उससे पैसे ऐंठकर एक फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिया गया।
बिना सवालों का इंटरव्यू और ₹6,600 की डिमांड
पीड़ित युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर अपने साथ हुए इस धोखे की पूरी कहानी बयां की है। युवक के पास एक दिन अचानक किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक बड़ी कंपनी का रिक्रूटर बताया। फोन के बाद उसे मैसेज पर जॉब प्रोफाइल से जुड़ी जानकारियां भेजी गईं, जिसमें कंपनी का नाम अमेजॉन और पद ‘डिजिटल मार्केटिंग’ का बताया गया।
युवक को इंटरव्यू के लिए नोएडा के एक तय पते पर बुलाया गया। लेकिन जब वह वहां पहुंचा, तो पूरी प्रक्रिया बेहद अजीब थी। इंटरव्यू रूम में उससे उसके काम, स्किल्स या अनुभव को लेकर एक भी सवाल नहीं पूछा गया। इसके बजाय, सीधे तौर पर सैलरी और पैकेज की बात शुरू कर दी गई। बातचीत के तुरंत बाद रिक्रूटर ने कहा कि कंपनी में सैलरी क्रेडिट करने के लिए एक स्पेशल अकाउंट खुलवाना होगा, जिसके लिए युवक को ₹6,600 देने होंगे। ठगों ने भरोसा दिलाया कि यह रकम बाद में उनकी पहली सैलरी के साथ रिफंड (वापस) कर दी जाएगी।
युवक उनकी बातों के जाल में फंस गया और उसने तुरंत पैसे दे दिए। पैसे मिलते ही जालसाजों ने उसे अमेजॉन के लोगो वाला एक आकर्षक ‘ऑफर लेटर’ थमा दिया। हालांकि, जब वह घर लौटा, तो बिना इंटरव्यू के इतनी आसानी से नौकरी मिलने और पैसे मांगने वाली बात उसे खटकने लगी। उसने इंटरनेट पर कंपनी के असली फॉर्मेट और ऑफर लेटर को लेकर रिसर्च शुरू की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह फर्जीवाड़ा समझ चुका था। जब उसने दोबारा उस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन बंद मिला।
असली और नकली जॉब की पहचान कैसे करें?
साइबर अपराधियों की इस चालाकी को मात देने के लिए दिल्ली पुलिस के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने युवाओं को एक थंब रूल (मूल मंत्र) याद रखने की सलाह दी है: “नौकरी देने वाली कोई भी असली कंपनी आपसे कभी पैसे नहीं मांगती, और जो आपसे पैसे की मांग करे, समझ लीजिए वो नौकरी नहीं सिर्फ धोखा दे रहा है।”
ऑनलाइन जॉब सर्च के दौरान आप नीचे दी गई तालिका की मदद से असली और नकली ऑफर्स के फर्क को आसानी से समझ सकते हैं:
अगर आप भी हो जाएं जॉब फ्रॉड के शिकार, तो तुरंत करें ये काम:
उत्तरी जिले के साइबर थाना पुलिस के एसएचओ गोविंद सिंह के मुताबिक, अगर आप सावधानी बरतें तो नकली ऑफर्स को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है। किसी भी रिक्रूटर की प्रामाणिकता जानने के लिए लिंक्डइन (LinkedIn) जैसी जगहों पर उनकी प्रोफाइल चेक करें। इसके बावजूद, यदि आप किसी वजह से इस तरह के स्कैम के जाल में फंस जाते हैं, तो घबराने की बजाय तुरंत नीचे लिखे कदम उठाएं:
साइबर फ्रॉड होने पर त्वरित कार्रवाई की चेकलिस्ट
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हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें: वित्तीय धोखाधड़ी या पैसे ट्रांसफर होने के तुरंत भीतर (गोल्डन ऑवर में) केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इससे आपके पैसे फ्रीज होने की संभावना बढ़ जाती है।
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ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: तुरंत भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाएं और घटना के सभी स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन आईडी के साथ लिखित शिकायत अपलोड करें।
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अपने बैंक को सूचित करें: जिस बैंक अकाउंट या यूपीआई ऐप से आपने पैसे ट्रांसफर किए हैं, उसके कस्टमर केयर को तुरंत सूचित करें ताकि वे उस फ्रॉड ट्रांजैक्शन को मार्क कर सकें।
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नजदीकी साइबर सेल जाएं: अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिले के साइबर क्राइम सेल में जाकर लिखित शिकायत दें। डिजिटल युग में सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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