
पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार में निशांत कुमार आकर्षण का केंद्र रहे। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
डिप्टी सीएम का पद ठुकराया, स्वास्थ्य विभाग को चुना
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने इस बड़े पद को विनम्रता से ठुकरा दिया। निशांत ने स्पष्ट किया कि वह संगठन को मजबूत करने और सीधे जनता से जुड़े विभागों में काम करना चाहते हैं। 45 वर्षीय निशांत कुमार, जो एक इंजीनियरिंग स्नातक हैं, ने राजनीति में अपने पहले ही कदम के साथ स्वास्थ्य विभाग जैसा चुनौतीपूर्ण पोर्टफोलियो संभाला है। इससे पहले यह विभाग भाजपा के मंगल पांडेय के पास था।
तेजस्वी यादव की तरह स्वास्थ्य मंत्रालय से शुरुआत
निशांत कुमार की इस नई पारी की तुलना लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव से की जा रही है। तेजस्वी ने भी जब पहली बार कैबिनेट में कदम रखा था, तब उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की ही जिम्मेदारी मिली थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग सीधे तौर पर आम जनता की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा है, जहाँ काम करके निशांत अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं।
सम्राट कैबिनेट में विभागों का बंटवारा: किसे क्या मिला?
कैबिनेट विस्तार में कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्य विभागों का आवंटन इस प्रकार है:
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सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री): गृह विभाग, सतर्कता, कैबिनेट सचिवालय और नागरिक उड्डयन।
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निशांत कुमार: स्वास्थ्य विभाग।
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विजय कुमार चौधरी (डिप्टी सीएम): जल संसाधन और संसदीय कार्य।
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बिजेंद्र प्रसाद यादव (डिप्टी सीएम): वित्त और वाणिज्य कर।
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श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग।
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लेसी सिंह: भवन निर्माण विभाग।
‘सद्भाव यात्रा’ बीच में छोड़ पहुंचे शपथ लेने
निशांत कुमार हाल ही में बिहार के जिलों में ‘सद्भाव यात्रा’ पर निकले थे। 3 मई को पश्चिम चंपारण के बगहा से शुरू हुई इस यात्रा का मकसद नीतीश कुमार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना था। कैबिनेट विस्तार की सूचना मिलते ही वह यात्रा को बीच में विराम देकर पटना पहुंचे। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार और अमित शाह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
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